भारतीय नौसेना के अदम्य पराक्रम को परमार्थ निकेतन में किया गया नमन
ऋषिकेश। भारतीय नौसेना दिवस पर परमार्थ निकेतन में राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत विशेष आयोजन में भारतीय नौसेना के शूरवीरों के अदम्य साहस, पराक्रम और राष्ट्र सेवा को शत–शत नमन किया गया।

परमार्थ निकेतन की संपूर्ण गुरु परंपरा ने भारतीय नौसेना को राष्ट्र की समुद्री ढाल बताते हुए कहा कि नौसेना का इतिहास पराक्रम, अनुशासन और बलिदान की अमर गाथा है। इस अवसर पर परमाध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने भारतीय नौसेना को समर्पित संदेश में कहा कि भारत की समुद्री सीमाओं की सुरक्षा के लिए नौसेना के जवान प्रति क्षण तत्पर रहते हैं, जो पूरे राष्ट्र के लिए गर्व का विषय है।
स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने कहा कि भारतीय नौसेना न केवल समुद्री सुरक्षा का दायित्व निभाती है, बल्कि आपदा प्रबंधन, मानवीय सहायता और अंतरराष्ट्रीय समुद्री सहयोग में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने नौसेना के वीर जवानों को समर्पित श्रद्धा व्यक्त करते हुए कहा कि उनका समर्पण और बहादुरी भावी पीढ़ियों को सदैव प्रेरित करती रहेंगी।
नौसेना दिवस पर परमार्थ निकेतन में विशेष प्रार्थना, दीप प्रज्वलन और राष्ट्ररक्षा के लिए सामूहिक संकल्प भी लिया गया।
