परमार्थ निकेतन में प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेन्द्र प्रसाद, क्रांतिकारी खुदीराम बोस की जयंती और हॉकी जादूगर मेजर ध्यानचंद की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि
ऋषिकेश। परमार्थ निकेतन में मंगलवार को भारत गणराज्य के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेन्द्र प्रसाद, अमर क्रांतिकारी खुदीराम बोस की जयंती तथा ‘पद्म भूषण’ मेजर ध्यानचंद की पुण्यतिथि पर विशेष श्रद्धांजलि समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर आयोजित गंगा आरती दिव्य विभूतियों को समर्पित रही।

परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती ने कहा कि डॉ. राजेन्द्र प्रसाद की सरलता, समर्पण और राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका देशवासियों को सदैव प्रेरित करती रहेगी। वहीं, मात्र 18 वर्ष की अल्पायु में हंसते-हंसते फांसी का वरण करने वाले अमर क्रांतिकारी खुदीराम बोस को नमन करते हुए स्वामी जी ने कहा कि उनका बलिदान स्वतंत्रता संघर्ष की ज्वाला का अनंत प्रतीक है।
इसके साथ ही हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद को भी भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की गई। स्वामी चिदानंद सरस्वती ने कहा कि मेजर ध्यानचंद की प्रतिभा और खेल के प्रति अनुशासन ने भारत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई।
श्रद्धांजलि कार्यक्रम के दौरान विश्व शांति यज्ञ में विशेष आहुतियाँ समर्पित की गईं। आश्रम में उपस्थित साधु-संतों, श्रद्धालुओं और देश-विदेश से आए पर्यटकों ने दिव्य गंगा आरती में सहभागी होकर महान विभूतियों को स्मरण किया।
