“एक जनपद – दो उत्पाद” योजना के अंतर्गत हर्बल एवं आयुर्वेदिक उत्पादों पर जिला उद्योग केंद्र कोटद्वार में बैठक आयोजित
कोटद्वार। जिला उद्योग केंद्र, कोटद्वार में आज “एक जनपद – दो उत्पाद” योजना के अंतर्गत हर्बल एवं आयुर्वेदिक उत्पादों तथा फल प्रसंस्करण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिला उद्योग केंद्र, कोटद्वार के महाप्रबंधक सोमनाथ गर्ग द्वारा की गई।

बैठक का प्रमुख उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि जनपद में उपलब्ध जड़ी-बूटियां, फल एवं अन्य कृषि/वन उत्पादों का स्थानीय स्तर पर प्रसंस्करण हो सके तथा इनका लाभ सीधे ही जनपद में स्थापित उद्योगों तक पहुंचे। इससे स्थानीय किसानों और उद्यमियों को मजबूत बाजार उपलब्ध होगा तथा उद्योगों को गुणवत्तापूर्ण कच्चा माल प्राप्त हो सकेगा।
महाप्रबंधक सोमनाथ गर्ग ने संबंधित सभी विभागों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने विभागीय डाटा का संकलन कर एकीकृत प्रस्ताव तैयार करें। उन्होंने कहा कि प्राप्त जानकारियों के आधार पर जनपद स्तर पर हर्बल एवं आयुर्वेदिक उत्पादों के प्रोत्साहन हेतु ठोस कार्ययोजना तैयार की जाएगी, जिससे स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा और किसानों को बेहतर आर्थिक लाभ प्राप्त होगा।
बैठक के दौरान प्रतिभागियों ने जनपद में उपलब्ध औषधीय पौधों, जड़ी-बूटियों, फलों, सब्जियों और अन्य प्राथमिक उपज की वार्षिक उपलब्धता, उत्पादन क्षमता तथा बाजार संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की। नाबार्ड द्वारा हर्बल उत्पादों से संबंधित बैकवर्ड–फॉरवर्ड लिंकेंज, वित्तीय सहायता योजनाओं और संभावित बाजार समर्थन पर महत्वपूर्ण जानकारी प्रस्तुत की गई।
सभी की सहमति से तय किया गया कि हर्बल एवं आयुर्वेदिक उत्पादों को जनपद के “एक जनपद – दो उत्पाद” के रूप में आगे बढ़ाया जाएगा। इसके लिए किसानों, वन प्रहरियों, स्वयं सहायता समूहों और स्थानीय उद्यमियों को उत्पादन, प्रसंस्करण, पैकेजिंग और विपणन के लिए संयुक्त एवं एकीकृत सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। यह पहल जनपद में हर्बल उद्योग को सुदृढ़ आधार प्रदान करेगी।
बैठक में वन विभाग, उद्यान विभाग, नाबार्ड, एचआरडीआई गोपेश्वर, भेषज विभाग के अधिकारी, हर्बल एवं आयुर्वेदिक क्षेत्र से जुड़े उद्योग प्रतिनिधि तथा स्थानीय उद्यमी उपस्थित रहे।
