ग्राम पुल्यासू में श्रीराम राज्याभिषेक के साथ रामलीला का समापन
द्वारीखाल। ग्राम पुल्यासू में श्री नीलकण्ठ महादेव रामलीला कमेटी द्वारा विगत 1 नवम्बर से चल रही रामलीला का आज मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीरामचंद्र जी के राज्याभिषेक के साथ विधिवत समापन हो गया।

गौरतलब है कि पुल्यासू रामलीला का इतिहास 100 वर्ष से भी अधिक पुराना है। नीलकंठ महादेव मंदिर पुल्यासू में प्राचीन काल से वैकुंठ चतुर्दशी की रात्रि को संतान प्राप्ति के लिए खड़रात्रि पूजन किया जाता रहा है। इस पूजा में पति-पत्नी हाथ में दीपक लेकर पूरी रात्रि खड़े रहते हैं, वहीं अन्य श्रद्धालु रात्रि जागरण करते हैं। मान्यता है कि इस रात्रि पूजा-अर्चना करने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
इसी धार्मिक परंपरा को आगे बढ़ाने के लिए उस समय के बुद्धिजीवियों ने श्रद्धा और भक्ति के साथ यज्ञ के समान भाव से रामलीला का आयोजन प्रारंभ किया था। तब से लेकर आज तक निरंतर यह परंपरा चली आ रही है।
समापन अवसर पर रणजीत सिंह नेगी, विनोद सिंह नेगी, मानसिंह नेगी, शैन सिंह भंडारी, वीरेंद्र सिंह रावत, वीरसिंह रावत, दिलबर नेगी, गीता देवी, लीला देवी, गजेंद्रलाल, सते सिंह नेगी, सुधीर नेगी सहित अनेक ग्रामीण श्रद्धापूर्वक उपस्थित रहे।
रामलीला का निर्देशन रमेश जुगराण ने किया, जबकि मंच संचालन रणजीत सिंह नेगी और महेश जुगराण ने संयुक्त रूप से किया। प्रसाद की व्यवस्था दिलबर नेगी की ओर से की गई थी।
