ग्राम उत्तिण्डा रामलीला का भव्य समापन
कोटद्वार मेयर शैलेन्द्र रावत एवं पूर्व प्रदेश मंत्री भाजपा डॉ मीरा रतूड़ी हुए शामिल
पौड़ी गढ़वाल। ग्राम उत्तिण्डा में 20 अक्टूबर से चल रही पारंपरिक रामलीला का 29 अक्टूबर को धार्मिक उत्साह और श्रद्धा के साथ समापन हुआ। प्रातःकाल भगवान श्रीराम के राजतिलक, हवन और भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु सम्मिलित हुए।
28 अक्टूबर की रात्रि को आयोजित अंतिम मंचन में कोटद्वार के पूर्व विधायक एवं वर्तमान मेयर शैलेन्द्र सिंह रावत तथा भाजपा की पूर्व प्रदेश मंत्री डॉ. मीरा रतूड़ी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं।

मेयर शैलेन्द्र रावत ने अपने संबोधन में गढ़वाली भाषा में कहा कि रामलीला के माध्यम से भगवान राम के आदर्शों और जीवन मूल्यों को सरल भाषा में समझा जा सकता है। उन्होंने कहा कि भगवान राम ने हमें धैर्य, त्याग और तपस्या का संदेश दिया। वनवास का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि भगवान राम ने राजसिंहासन को त्यागकर माता-पिता की आज्ञा का पालन कर आदर्श प्रस्तुत किया।
डॉ. मीरा रतूड़ी ने भी गढ़वाली में संबोधित करते हुए पलायन की समस्या पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि आज के समय में रामलीला जैसे आयोजन करना बड़ी चुनौती है, क्योंकि न तो कलाकार हैं और न दर्शक। फिर भी ऐसे आयोजन हमारी परंपरा, संस्कार और संस्कृति को जीवित रखते हैं। उन्होंने कहा कि तीन प्रकार का बल होता है — आर्थिक, शारीरिक और आत्मबल — जिनमें आत्मबल सर्वोपरि है। उन्होंने प्रवासियों से समय-समय पर गांव लौटकर अपने सांस्कृतिक मूल से जुड़ने की अपील की।
कार्यक्रम में रेनू उनियाल (पूर्व प्रधान अमाल्डू), रंजन जखमोला, प्रमोद बिंजोला, हिमांशु रावत, सैनसिंह, विकास जुगरान (प्रधान वरगड्डी) सहित आदर्श रामलीला समिति उत्तिण्डा के सदस्य और ग्रामवासी उपस्थित रहे।
