पौड़ी

राष्ट्रीय पोषण माह के समापन पर पारंपरिक व्यंजन प्रतियोगिता एवं किशोरी किट वितरण कार्यक्रम सम्पन्न

जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने विजेताओं को किया सम्मानित, कहा—“पोषण केवल भोजन नहीं, बल्कि संस्कार और जिम्मेदारी का संगम है”

पौड़ी। बाल विकास विभाग, पौड़ी के तत्वाधान में जिला मुख्यालय स्थित प्रेक्षागृह में राष्ट्रीय पोषण माह के समापन अवसर पर पोषण किट वितरण एवं पारंपरिक स्वस्थ व्यंजन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग किया। उन्होंने प्रतियोगिता की विजेता टीमों को पुरस्कृत कर सम्मानित किया और बालिकाओं को किशोरी किट भी वितरित कीं।

कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी ने पौड़ी, कोट, खिर्सू, कल्जीखाल और पाबौ विकासखण्डों की आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों द्वारा लगाए गए पारंपरिक व्यंजनों की स्टॉल्स का निरीक्षण किया। इस अवसर पर उन्होंने सिलबट्टे पर पारंपरिक नमक और चटनी तैयार कर स्थानीय खानपान संस्कृति के संरक्षण का संदेश दिया। महिलाओं ने पारंपरिक मांगलिक गीतों के साथ जिलाधिकारी का उत्साहपूर्वक स्वागत किया।

अपने संबोधन में जिलाधिकारी ने कहा कि “आप सभी का यह उत्साह मातृशक्ति की सच्ची ताकत को दर्शाता है। एक मां ही समाज की पहली शिक्षक होती है और बच्चों का भविष्य उसकी गोद में आकार लेता है।” उन्होंने कहा कि बच्चे के जीवन के शुरुआती वर्ष उसके मानसिक और बौद्धिक विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं। इन वर्षों में मां का स्नेह, पोषण और संवाद ही बच्चे की दिशा और दशा तय करते हैं।

उन्होंने कहा कि “पोषण केवल भोजन नहीं, बल्कि संस्कार, परंपरा और जिम्मेदारी का संगम है। पारंपरिक व्यंजन हमारी संस्कृति की पहचान हैं और इनमें स्थानीय पौष्टिकता एवं स्वास्थ्य सुरक्षा दोनों का संदेश निहित है।” जिलाधिकारी ने महिलाओं से आह्वान किया कि वे अपने परिवारों और समाज में पोषण, स्वच्छता और शिक्षा की प्रेरणास्रोत बनें।

पारंपरिक व्यंजन प्रतियोगिता में विकासखण्ड कोट की टीम ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, पौड़ी एवं खिर्सू की टीम द्वितीय और कल्जीखाल की टीम तृतीय स्थान पर रही। विजेता टीमों को अतिथियों द्वारा पुरस्कार एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए।

इसके साथ ही कार्यक्रम में उपस्थित 45 बालिकाओं को किशोरी किट वितरित की गई।

ब्लॉक प्रमुख अस्मिता नेगी ने कहा कि महिलाओं की सक्रिय भागीदारी के बिना समाज का संतुलित विकास संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि जिलाधिकारी के मार्गदर्शन से ग्राम स्तर तक पोषण अभियान को नई ऊर्जा मिली है।

जिला कार्यक्रम अधिकारी देवेंद्र थपलियाल ने बताया कि राष्ट्रीय पोषण माह का मुख्य उद्देश्य यह है कि हर घर में पोषण को जीवनशैली का हिस्सा बनाया जाए। आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की मेहनत और समुदाय की सहभागिता से जनपद में पोषण अभियान सशक्त रूप से आगे बढ़ रहा है।

इस अवसर पर कमल किशोर रावत, विभागीय अधिकारीगण, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां, महिलाएं एवं किशोरियां उपस्थित रहीं।

सूचना एवं लोक संपर्क विभाग, पौड़ी गढ़वाल

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