संस्कृति भवन देहरादून में 11 अक्टूबर को होगा “ग़मत” — लोक संस्कृति और हंसी-ठिठोली का अनोखा संगम
देहरादून। उत्तराखंड की पारंपरिक लोक संस्कृति और हास्य परंपरा को मंच पर पुनर्जीवित करने के उद्देश्य से संस्कृति भवन प्रेक्षागृह, देहरादून में 11 अक्टूबर सांय 4 बजे से “ग़मत” कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यक्रम लोक संस्कृति और हंसी-ठिठोली पर आधारित होगा, जिसका आयोजन “गौं गुठ्यार” टीम द्वारा किया जा रहा है।

इस आयोजन को दर्शकों तक पहुंचाने का प्रयास गौं गुठ्यार टीम कर रही है। कार्यक्रम में किशना बगोट, देवेश आदमी, शैलेन्द्र नेगी, रघुबीर बिष्ट, अनिल रावत और दिगमोहन नेगी प्रमुख रूप से शामिल रहेंगे।
इस कार्यक्रम को सफल बनाने में रणवीर सिंह चौहान, किशन पंवार, जसबीर सिंह और मंजू टम्टा आर्थिक सहयोग प्रदान कर रहे हैं।
प्रसिद्ध हास्य कलाकार एवं गौं गुठ्यार टीम के संचालक किशना बगोट ने बताया कि “गमत” उत्तराखंड की पारंपरिक लोकनाट्य शैली है, जो गांवों के चौक और गुठ्यारों में हंसी-ठिठोली, व्यंग्य और लोक गीतों के माध्यम से समाज के विषयों को प्रस्तुत करती थी। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम में गमत कलाकारों की अंतिम पीढ़ी भाग ले रही है, जो पहले गांवों की चौपालों में प्रदर्शन करती थी — अब वही परंपरा मंच पर जीवंत रूप में देखने को मिलेगी।
कार्यक्रम में सुदूर पहाड़ी क्षेत्रों से आए गमत कलाकार भी अपनी प्रस्तुतियां देंगे, जिनमें श्यामलाल, अर्जुनलाल, मोंटी, गोविंद शरण, कैलाश लंगूरी, संदीप बछलवाण, बृज पंवार, रजत डांसर, सुनील डांसर, गणेश अग्री और सुरेन्द्र कोली शामिल हैं।
किशना बगोट ने बताया कि “गमत” केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि यह लोक संस्कृति, सामाजिक जागरूकता और आपसी भाईचारे का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने कहा कि आज के आधुनिक युग में “गमत” जैसे लोक कला रूपों को मंच देना हमारी सांस्कृतिक धरोहर को जीवित रखने का प्रयास है।
कार्यक्रम में उत्तराखंड की पारंपरिक हास्य, व्यंग्य और लोक संगीत की झलक देखने को मिलेगी। आयोजकों ने दर्शकों से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर गमत कलाकारों का उत्साहवर्धन करने की अपील की है।
