परसूलीखाल में पितृमोक्ष हेतु श्रीमद्भागवत कथा का भक्ति भाव से शुभारंभ
द्वारीखाल। परसूली खाल में दयाकिशोर बिंजोला एवं धनीराम बिंजोला द्वारा अपने पिताजी स्वर्गीय लोकानंद बिंजोला, माताजी स्वर्गीय जशीदा देवी तथा असमय परलोक गमन करने वाले स्वर्गीय रजत बिंजोला पुत्र दयाकिशोर बिंजोला की स्मृति में श्रीमद्भागवत महापुराण कथा एवं पितृमोक्ष यज्ञ का आयोजन किया गया है।

यह ज्ञान एवं पितृमोक्ष यज्ञ 6 अक्टूबर से 12 अक्टूबर तक आयोजित किया जा रहा है, जबकि 13 अक्टूबर को यज्ञ की पूर्णाहुति एवं पितृ प्रसाद वितरण किया जाएगा।
कथा के प्रथम दिवस में कथा व्यास आचार्य विनोद कृष्ण कंडवाल ने श्रद्धालुओं को श्रीमद्भागवत माहात्म्य की कथा सुनाई। उन्होंने प्रवचन में कहा कि कलियुग में बिना भागवत कथा सुने मुक्ति संभव नहीं है। उन्होंने बताया कि सतयुग, त्रेता और द्वापर युग में जितना फल अश्वमेध यज्ञ से प्राप्त होता था, उससे कहीं अधिक फल कलियुग में भागवत कथा के श्रवण से मिलता है।
कथा श्रवण के लिए क्षेत्र के अनेक श्रद्धालु भक्ति भाव से उपस्थित रहे।
इस अवसर पर पंडित विवेकानंद, प्रेमचंद्र बिन्जोला, ललित मोहन बडोनी, सुनील काला, आशीष बडोनी, राजेंद्र बिन्जोला, राहुल, विक्की, सुधाकर बिन्जोला, सुनील, सुनीता देवी, रेखा, पूनम, नीलम देवी सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे और कथा का श्रवण कर धर्मलाभ प्राप्त किया।
