ऋषिकेश में एमएफएसीसी की दो दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ
ऋषिकेश। परमार्थ निकेतन आश्रम में मल्टी-फेथ एक्शन कोऑर्डिनेटिंग कमेटी (एमएफएसीसी) की दो-दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का शुभारंभ विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर किया गया। यह अद्वितीय परामर्श मंच विभिन्न धर्मगुरुओं, अंतर-धार्मिक परिषदों, विकास सहयोगियों, नागरिक समाज और सामुदायिक नेताओं को एकजुट कर राष्ट्र के बच्चों और परिवारों की सेवा हेतु सरकारी प्राथमिकताओं को मार्गदर्शन और समर्थन देने का कार्य करता है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 75वें जन्मदिवस पर उन्हें शुभकामनाएं देते हुए परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती और साध्वी भगवती सरस्वती के सान्निध्य में यूनिसेफ पदाधिकारियों और विभिन्न संस्थाओं के प्रमुखों ने दीप प्रज्वलित कर कार्यशाला का शुभारंभ किया।
स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने कहा कि आज प्रधानमंत्री को सबसे बड़ा उपहार हमारी सामूहिक एकता और विभिन्न धर्म परंपराओं का राष्ट्र की समृद्धि के लिए मिलकर कार्य करना है। उन्होंने इसे एक सतत, सशक्त और करुणामय भारत के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। साध्वी भगवती सरस्वती ने कहा कि एमएफएसीसी केवल कार्यशाला नहीं, बल्कि एक राष्ट्रीय परामर्श समूह है, जहाँ धर्मगुरु, सरकार और नागरिक समाज एक साथ समाज को दिशा प्रदान करते हैं।
इस अवसर पर यूनिसेफ इंडिया की पोषण विशेषज्ञ सिल्वी शमोआ ने कहा कि धर्मगुरुओं का समाज में गहरा विश्वास और प्रभाव होता है। एमएफएसीसी इस विश्वास को बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण और कल्याण के लिए सामूहिक कार्रवाई में बदल रहा है।
कार्यशाला के पहले दिन उद्घाटन प्रार्थना, आशीर्वाद, एमएफएसीसी के उद्देश्य एवं संरचना का परिचय, स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा और जलवायु सुदृढ़ता में धर्मों की भूमिका पर पूर्ण अधिवेशन और सरकारी प्राथमिकताओं के साथ संरेखण पर चर्चा हुई। दूसरे दिन सामाजिक और व्यवहार परिवर्तन संचार पर प्रशिक्षण, सामुदायिक संसाधनों का मानचित्रण, आस्था-आधारित कार्य योजनाओं का विकास और राष्ट्रीय-राज्य स्तरीय रोडमैप पर विचार किया जाएगा।
पोषण और स्वस्थ जीवनशैली पर आयोजित विशेष सत्र में छह प्रमुख संदेश साझा किए गए—घर का बना स्थानीय और मौसमी भोजन, परिवार का साथ बैठकर भोजन करना, जन्म से छह माह तक केवल स्तनपान, छह माह बाद सही ठोस आहार की शुरुआत, गर्भवती व किशोरियों के लिए विशेष पोषण और बच्चों को खेल व व्यायाम के लिए प्रेरित करना।
एमएफएसीसी कार्यशाला में यूनिसेफ इंडिया, ग्लोबल इंटरफेथ वॉश एलायंस, परमार्थ निकेतन, कारितास इंडिया, ब्रह्माकुमारी, स्वामीनारायण गुरुकुल परिवार, ग्लोबल पीस फाउंडेशन, हरिजन सेवक संघ, महावीर सेवा सदन, दिल्ली गुरुद्वारा बंगला साहिब, पंजाब विश्वविद्यालय और डिवाइन शक्ति फाउंडेशन सहित कई राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय संगठन शामिल हुए। यह सभी संगठन भारत की विविध नैतिक और आध्यात्मिक परंपराओं का प्रतिनिधित्व करते हुए बच्चों और परिवारों के कल्याण हेतु एकजुट हैं।
