जिला स्तरीय टास्क फोर्स बैठक में बेटियों के भविष्य पर बड़ा फैसला
पौड़ी। जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया की अध्यक्षता में गुरुवार को जिला मुख्यालय में महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग की जिला स्तरीय टास्क फोर्स बैठक आयोजित हुई। बैठक में बेटियों की शिक्षा, करियर और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए कई अहम निर्णय लिए गए।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि बालिकाओं से जुड़े कार्यक्रमों को प्रभावी ढंग से लागू किया जाए। उन्होंने कहा कि “अफसर बिटिया” कार्यक्रम के तहत करियर काउंसलिंग, स्वास्थ्य संबंधी कार्यशालाएं और एक्सपोजर विजिट करायी जाएं। कक्षा 11 और 12 की छात्राओं को पारंपरिक और गैर पारंपरिक क्षेत्रों में रोजगार व स्वरोजगार के अवसरों से अवगत कराया जाए।
उन्होंने बालिकाओं को सेल्फ डिफेंस व खेल गतिविधियों का प्रशिक्षण देने तथा आंगनबाड़ी केंद्रों पर थीम वाइज पेंटिंग प्रतियोगिता कराने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि किसी भी क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली बालिकाओं को ब्रांड एम्बेसडर बनाया जाएगा ताकि अन्य छात्राएं प्रेरित हों।
जिला कार्यक्रम अधिकारी को निर्देश दिए गए कि आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण पढ़ाई छोड़ने वाली मेधावी बालिकाओं को आगे की शिक्षा के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए। साथ ही बालिका शिक्षा को प्रोत्साहित करने के लिए वोकेशनल ट्रेनिंग कार्यक्रम भी चलाए जाएंगे।
बैठक में मुख्य चिकित्साधिकारी को टेली मानस (मानसिक स्वास्थ्य सहायता नेटवर्क) के प्रचार-प्रसार हेतु विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। वहीं, जिला शिक्षाधिकारी को स्कूल छोड़ने वाली बालिकाओं को पुनः शिक्षा से जोड़ने के निर्देश मिले।
बैठक में विभागीय कार्ययोजना की जानकारी देते हुए जिला कार्यक्रम अधिकारी देवेंद्र थपलियाल ने बताया कि आपदा में कई आंगनबाड़ी भवन क्षतिग्रस्त हुए हैं। इस पर जिलाधिकारी ने कहा कि क्षतिग्रस्त भवनों की सूची तैयार कर आपदा मद में तत्काल भेजी जाए। साथ ही मॉडल आंगनबाड़ी केंद्रों में प्रथम चरण में विद्यार्थियों को “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” थीम पर यूनिफॉर्म उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी गिरीश गुणवंत, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. शिव मोहन शुक्ला, जिला शिक्षाधिकारी रणजीत सिंह नेगी, वन स्टॉप सेंटर की केंद्र प्रशासिका लक्ष्मी रावत सहित सभी सीडीपीओ व विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
