जन्माष्टमी पर्व 15 अगस्त को, 16 अगस्त को मनाया जाएगा नंदोत्सव
देहरादून। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर्व को लेकर हर साल बनने वाली असमंजस की स्थिति पर उत्तराखंड विद्वतसभा देहरादून के अध्यक्ष आचार्य विजेंद्र प्रसाद ममगाईं ने स्पष्ट किया कि शास्त्रों के अनुसार जन्माष्टमी उसी दिन मनाई जाती है, जिस दिन अष्टमी तिथि रात 12 बजे तक हो। इस वर्ष अष्टमी तिथि 15 अगस्त की रात को पड़ रही है, इसलिए जन्माष्टमी पर्व 15 अगस्त को ही मनाया जाएगा।

आचार्य ममगाईं ने बताया कि 16 अगस्त को जन्माष्टमी पर्व नहीं है, बल्कि भगवान के प्राकट्य के बाद मनाया जाने वाला जन्मोत्सव होगा, जिसे कुछ मंदिरों में परंपरानुसार मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जन्म मथुरा में हुआ और जन्म के बाद नंदोत्सव गोकुल में मनाया गया, जिसे हर वर्ष विशेष रूप से मनाया जाता है।
उन्होंने सभी धर्मावलंबियों से आह्वान किया कि वे 15 अगस्त को जन्माष्टमी पर्व और 16 अगस्त को भगवान का नंदोत्सव मनाएं।
