79वें स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं। परमार्थ निकेतन में भारत का गौरव तिरंगा फहराया
परमार्थ विद्या मन्दिर, चन्देश्वर नगर में ध्वजारोहण कर किया शहीदों को नमन
देशभक्ति से ओतप्रोत रंगारंग कार्यक्रम में मंत्रमुग्ध हुए दर्शक
ऋषिकेश। पूरे देश के साथ परमार्थ निकेतन में भी आज 79वां स्वतंत्रता दिवस उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया गया। परमार्थ विद्या मंदिर, चन्देश्वर नगर में ध्वजारोहण कर वीर शहीदों को नमन किया गया। परमार्थ निकेतन गुरूकुल के ऋषिकुमारों और परमार्थ विद्या मंदिर के छात्रों ने देशभक्ति से ओतप्रोत सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।

इस अवसर पर स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने देशवासियों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि स्वतंत्रता दिवस केवल एक तिथि नहीं, बल्कि हमारे त्याग, बलिदान और गौरव की अमर गाथा है। यह दिन हमें अपनी विविधता में एकता, सांस्कृतिक विरासत और मानवीय मूल्यों को याद दिलाता है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता का अर्थ केवल पराधीनता से मुक्ति नहीं, बल्कि अपने भीतर की संकीर्णताओं और अज्ञानता से मुक्ति भी है।
स्वामी जी ने 78 वर्षों की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए किसानों के आत्मनिर्भर भारत में योगदान, वैज्ञानिकों की अंतरिक्ष उपलब्धियाँ, शिक्षकों के संस्कार, और सैनिकों के बलिदान को विशेष रूप से रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि भारत आज दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्था और सबसे बड़े लोकतंत्र के रूप में आशा और प्रेरणा का प्रतीक है।
उन्होंने वर्तमान चुनौतियों—गरीबी, बेरोजगारी, शिक्षा और स्वास्थ्य में असमानता, पर्यावरणीय संकट—का उल्लेख करते हुए सभी नागरिकों से राष्ट्रहित को सर्वोपरि मानने का आह्वान किया। स्वामी जी ने कहा कि हमें आर्थिक, आध्यात्मिक, सांस्कृतिक, नैतिक और पर्यावरणीय सभी दृष्टियों से भारत को सशक्त बनाना होगा।
कार्यक्रम के अंत में सभी ने तिरंगे को सलाम किया और यह संकल्प लिया कि वे राष्ट्रीय एकता, भाईचारे, संसाधनों की रक्षा और सतत विकास के पथ पर आगे बढ़ेंगे।
जय हिंद! वंदे मातरम्
