ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, एसटीपी व अतिक्रमण पर डीएम के सख़्त निर्देश
पौड़ी। जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया की अध्यक्षता में शुक्रवार को एनआईसी कक्ष में जिला स्तरीय गंगा समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में ठोस एवं जैव चिकित्सीय अपशिष्ट प्रबंधन, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) स्थापना और बाढ़ मैदानी क्षेत्रों में अतिक्रमण पर विस्तृत चर्चा हुई।

जिलाधिकारी ने कोटद्वार, सतपुली, थलीसैंण और पौड़ी नगर निकायों को एसटीपी के लिए भूमि चयन व पर्यावरणीय स्वीकृति की प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने के निर्देश दिए। जैव चिकित्सीय अपशिष्ट प्रबंधन हेतु मुख्य चिकित्साधिकारी को अस्पतालों का नियमित निरीक्षण कर रिपोर्ट देने को कहा गया।
कोटद्वार औद्योगिक क्षेत्र में प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। पौड़ी विकासखंड को मॉडल ब्लॉक के रूप में चयनित कर 15 दिन में शत-प्रतिशत कूड़ा प्रबंधन योजना धरातल पर लागू करने को कहा गया।
जिलाधिकारी ने बाढ़ मैदानी क्षेत्रों में सुरक्षा कार्यों और अतिक्रमण की स्थिति की समीक्षा करते हुए सिंचाई एवं राजस्व विभाग को संयुक्त निरीक्षण कर सत्यापित रिपोर्ट देने के निर्देश दिए। नगर निकाय जौंक में एसटीपी और श्रीनगर में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन प्लांट के कार्यों में तेजी लाने पर भी जोर दिया गया।
श्रीनगर में मोबाइल शौचालयों की सुचारू व्यवस्था, एक सप्ताह में एसटीपी की मॉनिटरिंग हेतु सेंसर लगाने, तथा सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का औचक निरीक्षण करने के निर्देश भी जारी हुए। नगर निकाय पौड़ी के अस्थायी कूड़ा निस्तारण के लिए फिलहाल कचरा नगर निगम श्रीनगर के प्लांट में डंप करने का प्रस्ताव बोर्ड बैठक में रखने के निर्देश दिए गए।
बैठक में प्रभागीय वनाधिकारी स्वप्निल अनिरुद्ध, अपर जिलाधिकारी अनिल गर्ब्याल, जिला विकास अधिकारी मनविंदर कौर, मुख्य जिला पर्यटन विकास अधिकारी खुशाल सिंह नेगी, अधिशासी अभियंता जल निगम नवनीत कटारिया, जिला खनन अधिकारी राहुल नेगी सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
