द्वारीखाल में प्रत्याशी का बेबाक बयान वायरल: “भीतरघात से हारा, फिर भी खसी-बकरा काटूंगा!”
द्वारीखाल में प्रत्याशी का बेबाक बयान वायरल: “भीतरघात से हारा, फिर भी खसी-बकरा काटूंगा!”
द्वारीखाल, पौड़ी गढ़वाल। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के बाद द्वारीखाल ब्लॉक में एक पराजित प्रत्याशी का बेबाक और जमीनी बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। हार के बाद दिए गए इस बयान में उन्होंने चुनाव में भीतरघात की बात स्वीकारी, लेकिन साथ ही व्यंग्यात्मक अंदाज में खुद का हौसला भी बनाए रखा।
प्रत्याशी ने कहा –
“इस बार भीतरघात हुआ, वोटर्स को मैंने बुलाया, पर वोट किसी और को चला गया। मैंने न किसी को दारू पिलाई, न मुर्गा खिलाया… 1 पेटी तो मैंने खुद ही पी। चुनाव जीतूं या हारूं, खसी-बकरा तो काटूंगा ही!”

इस बयान ने जहां ग्रामीणों में हलचल मचा दी, वहीं सोशल मीडिया पर इसे लेकर कटाक्ष, समर्थन और व्यंग्य के मिश्रित स्वर देखने को मिल रहे हैं।
बिकने वाले सदस्यों को दी चेतावनी
अपने बयान में प्रत्याशी ने क्षेत्र पंचायत सदस्यों और जिला पंचायत सदस्यों को भी निशाने पर लिया। उन्होंने कहा –
“कोई बिकना मत। बिकेगी तो पटकूंगा। प्रमुख को बिना पैसे के वोट दो। जब बिकते हो, तो लोकतंत्र बिकता है।”
यह बयान स्थानीय राजनीति में बढ़ते पैसे के प्रभाव और खरीद-फरोख्त के मुद्दे को सामने लाता है, जिस पर अब आम जनता भी मुखर होती दिख रही है।
जनभावनाओं से जुड़ा बयान
यह बयान न केवल प्रत्याशी की भावनाओं को दर्शाता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि ग्रामीण क्षेत्रों में राजनीति अब केवल चुनाव जीतने का खेल नहीं, बल्कि मान, अपमान और आत्मसम्मान का विषय बन गई है।
सोशल मीडिया पर छाया वीडियो
इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका है और पंचायत स्तर की राजनीति में व्याप्त अंदरूनी उठा-पटक, वफादारी, और खींचतान को उजागर करता है। वीडियो को सैकड़ों लोग देख चुके हैं और उस पर ग्रामीणों के मजेदार और भावनात्मक कमेंट्स की बाढ़ आ गई है।
निष्कर्ष
द्वारीखाल में पंचायत चुनाव भले ही समाप्त हो चुका हो, लेकिन भीतरघात, बयानबाज़ी और जमीनी राजनीति की गर्माहट अभी भी जारी है। अब देखना होगा कि यह बयान गांव की राजनीति में क्या मोड़ लाता है – हंसी का या हलचल का।
गढ़वाल की संस्कृति फेसबुक पर लाइव वीडियो में देख सकते हैं, 31 जुलाई 2025
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