मरोड़ा गांव में हरेला पर्व पर हुआ वृक्षारोपण, डीएम ने किया विकास मॉडल का ऐलान
पौड़ी। जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने शनिवार को विकासखंड खिर्सू के ग्राम मरोड़ा का स्थलीय निरीक्षण कर हरेला पर्व कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। इस अवसर पर उन्होंने ग्राम मरोड़ा को मॉडल गांव के रूप में विकसित करने तथा इसे सिट्रस बेल्ट के रूप में पहचान दिलाने की घोषणा की।

कार्यक्रम की शुरुआत ग्रामीण महिलाओं द्वारा पारंपरिक ढोल वादन और स्वागत गीतों से हुई। “हरेला गांव – धाद की पहल” कार्यक्रम के अंतर्गत माल्टा, नींबू, नारंगी जैसे सिट्रस पौधों का सामूहिक रूप से 10,000 पौधों का रोपण किया गया। इसके साथ ही हरेला मार्च का आयोजन भी किया गया।
ग्रामीणों के लिए कृषि नवाचार और आत्मनिर्भरता की दिशा में योजनाएं
जिलाधिकारी ने ग्रामवासियों से संवाद करते हुए कहा कि –
“जब उत्पादन अधिक मात्रा में होगा, तभी प्रोसेसिंग और पैकेजिंग यूनिट गांव में स्थापित की जा सकेगी। स्थानीय उत्पादों की ब्रांडिंग और मार्केटिंग की दिशा में भी उचित प्रबंधन किया जाएगा।”

उन्होंने वानिकी विश्वविद्यालय भरसार के सहयोग से सिट्रस खेती को बढ़ावा देने की बात कही और समाज, शासन और निजी क्षेत्र के समन्वय से समावेशी विकास मॉडल तैयार करने की योजना पर बल दिया।
डीएम ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए पौधों की देखभाल वैसे ही की जानी चाहिए जैसे कोई माता-पिता अपने बच्चों की करते हैं।
डीएम भदौरिया ने स्थानीय किसानों द्वारा लगाए गए जैविक उत्पादों के स्टॉलों का निरीक्षण कर उनकी गुणवत्ता की सराहना की और कहा कि –
“स्थानीय उत्पादन को बढ़ावा देकर ग्रामीणों को आत्मनिर्भर बनाया जा सकता है।”
कार्यक्रम के दौरान भारी संख्या में उपस्थित ग्रामीणों को देखते हुए जिलाधिकारी ने राजस्व अधिकारियों को कैंप लगाने और खाता-खतौनी समेत अन्य राजस्व शिकायतों के समाधान हेतु नियमित रोस्टर आधारित कार्यक्रम चलाने के निर्देश दिए।
कार्यक्रम में सीडीओ गिरीश गुणवंत ने कहा कि मरोड़ा को सिट्रस बेल्ट के रूप में विकसित किया जा सकता है। उन्होंने किसानों को 60% सब्सिडी वाले ग्रामोत्थान मॉडल का लाभ उठाने का आह्वान किया।
वहीं प्रगतिशील किसान पवन बिष्ट, कर्नल यशपाल नेगी, और सुधीर सुंदरियाल ने खेती में नवाचार, प्रशिक्षण, मार्केटिंग, कलेक्शन सेंटर तथा चैनलिंक फेंसिंग जैसे उपायों की आवश्यकता जताई।

कार्यक्रम का संचालन तन्मय ममगाईं ने किया। इस अवसर पर सीडीओ गिरीश गुणवंत, संयुक्त मजिस्ट्रेट दीपक रामचंद्र सेट, जिला उद्यान अधिकारी राजेश तिवारी, समुन्नति फाउंडेशन के निदेशक श्रीधर ईश्वरन, कंसल्टेंट विंग कमांडर अनुपमा जोशी, खंड विकास अधिकारी धूम सिंह, धाद अध्यक्ष लोकेश नवानी सहित अनेक अधिकारी, किसान व ग्रामीण मौजूद रहे।
