राजाजी नेशनल पार्क, बाघखाला में परमार्थ निकेतन द्वारा शिवभक्तों के लिए निःशुल्क चिकित्सा शिविर का आयोजन
गुरुपूर्णिमा से प्रारंभ हुआ शिविर, प्रतिदिन 14 घंटे में 3 से 5 हजार श्रद्धालु ले रहे लाभ
स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी बोले – सेवा ही सच्ची साधना है
ऋषिकेश। परमार्थ निकेतन, ऋषिकेश द्वारा राजाजी नेशनल पार्क के बाघखाला क्षेत्र में कांवड़ यात्रा के दौरान शिवभक्तों के लिए एक विशाल निःशुल्क चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया है। यह सेवा कार्य परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी के मार्गदर्शन और आशीर्वाद से गुरुपूर्णिमा के पावन अवसर पर प्रारंभ हुआ।
शिविर में प्रतिदिन 18 से 20 नर्सेज़, चिकित्सकों और समर्पित स्वयंसेवकों की टीम सुबह 06 बजे से रात 08 बजे तक लगभग 14 घंटे की सेवा देते हुए तीन से पाँच हजार शिवभक्तों को उपचार एवं प्राथमिक चिकित्सा सुविधा प्रदान कर रही है।
परमार्थ निकेतन द्वारा संचालित यह शिविर केवल चिकित्सा सुविधा तक सीमित नहीं है, बल्कि यहां स्वच्छता, योग, प्राणायाम, जल संरक्षण और पर्यावरण जागरूकता से संबंधित संदेश भी तीर्थयात्रियों तक पहुँचाए जा रहे हैं। साथ ही बैराज से लेकर स्वर्गाश्रम तक जल मंदिरों एवं जल टैंकरों के माध्यम से स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था भी की गई है।
आज स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी स्वयं शिविर पहुँचे और चिकित्सा सेवा में संलग्न टीम से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना व उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि “यह सेवा न केवल शिवभक्तों की पीड़ा को दूर कर रही है, बल्कि श्रद्धा, सेवा और करुणा का जीवंत संगम है। हमारा उद्देश्य केवल चिकित्सा देना नहीं, बल्कि कांवड़ यात्रा को सुरक्षित, स्वच्छ और सहज बनाना है।”

स्वामी जी ने यह भी कहा कि “शिवजी केवल मंदिरों में नहीं, बल्कि हमारे व्यवहार, सेवा और करूणा में प्रकट होते हैं। जब अध्यात्म और विज्ञान, श्रद्धा और सेवा एक साथ चलें, तभी सम्पूर्ण कल्याण संभव है।”
इस अवसर पर स्वामी जी ने माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी और राज्य प्रशासन की यात्रा को सुचारू और सुरक्षित बनाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।
चिकित्सा शिविर का आयोजन परमार्थ निकेतन, ग्लोबल इंटरफेथ एलायंस और डिवाइन शक्ति फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में किया गया है।
