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छतिण्डा गांव में युवाओं की अनूठी पहल, लैंटाना उन्मूलन के साथ शुरू किया पर्यावरण और सुरक्षा का अभियान

द्वारीखाल। ठंठोली न्याय पंचायत के छतिण्डा गांव में गोदेश्वरमहादेव युवा शक्ति संगठन के नेतृत्व में ग्रामीणों द्वाराएक प्रेरणादायक और अनूठी पहल शुरू की गई है। इस अभियान के अंतर्गत गांव के युवाओं ने लैंटाना और गाजर घास जैसी हानिकारक झाड़ियों का उन्मूलन कर सड़क किनारे फलदार और छायादार पेड़ लगाने का कार्य प्रारंभ किया है।

गांव के युवाओं ने आपसी सहयोग से फंड इकट्ठा किया और इस कार्य को शुरू किया। इस अभियान में गांव की महिलाएं, पुरुष, और बुजुर्ग सभी बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं। इससे पहले गांव की महिलाओं ने गोदेश्वर महादेव मंदिर तक जाने वाले पैदल संपर्क मार्ग की झाड़ियों की सफाई कर रास्ता सुगम बनाया।

गांव के लोगों का कहना है कि लैंटाना की झाड़ियों के कारण लाभदायक वनस्पतियां नष्ट हो रही हैं और जंगली जानवरों को छिपने की जगह मिल जाती है। गुलदार द्वारा कई पशुओं के मारे जाने के कारण गांववाले भयभीत होकर अपने मवेशी तक बेच चुके हैं।

जंगल में घास, लकड़ी व चारापत्ती के लिए जाने वाली महिलाओं को भी हिंसक जानवरों से खतरा बना हुआ है। यदि घरों के पास भी झाड़ियां रहेंगी तो यह खतरा और बढ़ जाएगा।

पारंपरिक जलस्रोतों का संरक्षण और खेती की तैयारी
छतिण्डा गांववासी अपने पारंपरिक जलस्रोतों का संरक्षण कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त सिंचित भूमि से झाड़ियां पहले ही साफ कर दी गई हैं और अब जल्द ही वहां खेती शुरू की जाएगी। गांववासियों ने सरकार से मांग की है कि उन्हें खेती के लिए तरबाड़ (बाड़बंदी), फेंसिंग और सोलर लाइट जैसी सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएं ताकि फसलें जंगली जानवरों से सुरक्षित रह सकें।

छतिण्डा गांव की यह पहल न केवल पर्यावरण संरक्षण की मिसाल है, बल्कि सामुदायिक सहयोग और आत्मनिर्भरता का भी उदाहरण है। यह एक ऐसा मॉडल बन सकता है जिसका अनुसरण अन्य गांव भी कर सकते हैं।

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