उत्तराखंडद्वारीखालपौड़ी

श्रीमद् देवीभागवत कथा का हुआ विधिवत समापन, ग्राम पुल्यासू में भक्तिमय माहौल में उमड़ा जनसैलाब

द्वारीखाल। विकासखंड द्वारीखाल के पुल्यासू गांव में 8 जून से आरंभ हुई नौ दिवसीय श्रीमद् देवीभागवत कथा का समापन 16 जून को विधिवत रूप से सम्पन्न हुआ। समापन अवसर पर पूरे गांव में भक्तिमय वातावरण रहा और श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी।

प्रात:कालीन सत्र में वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ देवताओं की पूजा की गई। इसके पश्चात कथा वाचक आचार्य मनोज मोहन शास्त्री ने देवी भगवती के विविध रूपों एवं दिव्य चरित्रों का भावपूर्ण और सरस वर्णन किया। उनके प्रवचनों ने भक्तों को मंत्रमुग्ध कर दिया और श्रद्धा की गंगा प्रवाहित हो उठी।

समापन दिवस पर हवन यज्ञ में ग्रामवासियों एवं अन्य आगंतुकों ने आहुतियाँ अर्पित कर परिवार व समाज की सुख-समृद्धि की कामना की। इसके पश्चात विशाल भंडारे का आयोजन किया गया जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।

कार्यक्रम के आयोजक दिकपाल सिंह नेगी एवं सते सिंह नेगी ने समस्त ग्रामवासियों, सहयोगियों और दूर-दराज से आए श्रद्धालु आगंतुकों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ग्रामवासियों के सहयोग और भक्तों की श्रद्धा से ही यह भव्य आयोजन संभव हो पाया।

वहीं, बीरेंद्र सिंह रावत पुत्र स्वर्गीय केदार सिंह रावत ने तन, मन और धन से ब्राह्मणों एवं अतिथियों की सेवा में समर्पण भाव से भूमिका निभाई, जिसकी सभी ने सराहना की।

कार्यक्रम के अंत में व्यासपीठ से जुड़े ब्राह्मणों एवं कथा वाचक व्यास जी को पारंपरिक वाद्य यंत्रों—ढोल-दमाऊं की मंगल ध्वनि के साथ आदरपूर्वक विदाई दी गई। इस दौरान उपस्थित भक्त भक्तों के जयकारों से वातावरण गूंज उठा।

पूरे आयोजन की व्यवस्थाएँ मंदिर समिति एवं ग्रामवासियों के सामूहिक सहयोग से संपन्न हुईं, जिसने ग्राम पुल्यासू को धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों का केंद्र बना दिया। आयोजन ने न केवल आध्यात्मिक चेतना को जागृत किया, बल्कि ग्रामीण एकता और परंपरा को भी मजबूती प्रदान की।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *