देवलगढ़ मंदिर का प्राचीन स्वरूप रहेगा यथावत: जिलाधिकारी
*मंदिर सौंदर्यीकरण एवं जीर्णोद्धार कार्यों की लेकर अधिकारियों के साथ हुई बैठक*
श्रीनगर। पौड़ी जनपद के देवलगढ़ स्थित प्राचीन मंदिर के सौंदर्यीकरण एवं जीर्णोद्धार कार्यों को गति देने के लिए जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने बुधवार को संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। यह बैठक मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणा के क्रियान्वयन की दिशा में अहम मानी जा रही है।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि मंदिर का पारंपरिक और ऐतिहासिक स्वरूप किसी भी स्थिति में प्रभावित नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि इसके लिए मंदिर क्षेत्र के विकास हेतु एक समन्वय समिति गठित की जाएगी, जिसमें भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI), संस्कृति विभाग तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी शामिल होंगे।

उन्होंने स्थानीय जनभावनाओं और सुझावों को सम्मिलित करने के लिए एक सलाहकारी संस्था के गठन पर भी जोर दिया, ताकि समावेशी विकास सुनिश्चित हो सके। जिलाधिकारी ने कहा कि कार्यों की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होगा, और इसके लिए किसी प्रसिद्ध तकनीकी संस्था को संलग्न किया जाएगा।
डॉ. चौहान ने पहले से तैयार DPR (विस्तृत परियोजना रिपोर्ट) की तकनीकी समीक्षा कर विशेषज्ञों की मदद से पुनः DPR तैयार करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही भूगर्भीय सर्वेक्षण कराकर संरचना की स्थिरता और विकास की संभावनाओं का वैज्ञानिक विश्लेषण किए जाने की बात भी कही।
बैठक में उप जिलाधिकारी श्रीनगर नूपुर वर्मा, एनएच के अधिशासी अभियंता राजीव सिंह, संस्कृति विभाग के अधिकारी प्रेमचंद ध्यानी, मंदिर के पुजारी कुंजिका प्रसाद उनियाल समेत अन्य अधिकारी एवं हितधारक उपस्थित रहे।
