9 दिवसीय श्रीरामकथा का विधिवत समापन, ढोल-दमाऊ के साथ हुई व्यास जी की विदाई
द्वारीखाल। ग्राम पंचायत उत्तिंडा, विकासखंड द्वारिखाल (पौड़ी गढ़वाल) में दिनांक 28 मई 2025 से आयोजित 9 दिवसीय श्रीराम कथा का विधिवत समापन हुआ। इस आध्यात्मिक आयोजन के कथाव्यास श्री रमेश चंद्र बलूनी जी की परंपरागत गढ़वाली वाद्ययंत्रों ढोल दमाऊ के साथ भव्य विदाई की गई।

समापन अवसर पर पूरे गांव में धार्मिक उत्सव जैसा वातावरण देखने को मिला। श्रद्धालुओं की भारी उपस्थिति के बीच धार्मिक विधानों के अनुसार कथा समापन हुआ। कथा के दौरान श्री बलूनी जी ने भगवान श्रीराम के आदर्शों, मर्यादा पुरुषोत्तम स्वरूप और रामराज्य की संकल्पना को भावनात्मक और प्रेरणात्मक शैली में प्रस्तुत किया, जिससे श्रद्धालु भावविभोर हो उठे।

समारोह के उपरांत विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें ग्रामवासियों एवं श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। पूरे आयोजन में गांव के सभी वर्गों, महिलाएं, पुरुष, युवा व वृद्ध, बच्चे सबने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
ग्रामवासियों ने कथाव्यास श्री रमेश चंद्र बलूनी जी के योगदान की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने ग्राम्य संस्कृति और आध्यात्मिक चेतना को सशक्त रूप से जीवंत किया है। उनका सरल और ओजपूर्ण प्रवचन लंबे समय तक लोगों के हृदय में गूंजता रहेगा।

यह 9 दिवसीय श्रीराम कथा न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र रही, बल्कि इसने गांव की सांस्कृतिक एकता और पारंपरिक मूल्यों को भी सुदृढ़ किया।
कार्यक्रम में मां बालकुंवारी मंदिर समिति के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह, कोषाध्यक्ष सुखपाल सिंह रावत, सुरेंद्र सिंह रावत, महावीर सिंह रावत, वीरेंद्र सिंह रावत, धीरजमणि बलूनी, जयप्रकाश बलूनी, परमेश्वरानंद बलूनी आदि उपस्थित रहे।
