ग्राम उत्तिण्डा में नौ दिवसीय दिव्य श्रीरामकथा शुभारम्भ
*5 जून को होगी यज्ञ की पूर्णाहुति*
पौड़ी। द्वारीखाल ब्लॉक के उत्तिण्डा गाँव में आज 28 मई से 5 जून तक श्रीरामकथा के नौ दिवसीय कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। मां बालकुंवारी मंदिर समिति, आदर्श रामलीला समिति, महिला कीर्तन मंडली, समस्त ग्रामवासी एवं प्रवासी संयुक्त रूप से रामकथा का आयोजन कर रहे हैं। प्रख्यात कथावाचक आचार्य रमेश बलूनी व्यासपीठ से रामभक्तों को कथा श्रवण करवा रहे हैं।

विद्वान ब्राह्मणों के द्वारा दिव्य एवं भव्य यज्ञ मण्डप का निर्माण किया गया है, जिसमें ब्रह्मजी आदि 16 स्तम्भ, चारों वेद, नवग्रह मंडल, चौंसठ योगिनी, वास्तु, क्षेत्रपाल, सर्वतोभद्र आदि वेदियां बनीं हैं।
आज सर्वप्रथम पारंपरिक वाद्ययंत्र ढोल दमाऊ के साथ मां बालकुंवारी मंदिर से नागराजा मंदिर तक कलश यात्रा के साथ यज्ञ का शुभारंभ किया गया। नागराजा मंदिर में पंचांग पूजन, नागराजा पूजन एवं जलमातृका पूजन के बाद श्रीरामचरित मानस एवं कथावाचक आचार्य रमेश चंद्र बलूनी एवं ब्राह्मण के पूजन के बाद मनकामेश्वर महादेव मंदिर में पूजा अर्चना के बाद कलश यात्रा कथास्थल मां बालकुंवारी मंदिर प्रांगण में पहुंची।

बालकुंवारी मंदिर में गणपति पूजन एवं देवी भगवती पूजन के बाद यज्ञ मण्डप प्रवेश के बाद देवताओं का आवाहन स्थापन एवं पूजन किया गया।
आचार्य रमेश बलूनी जी के मुखारविंद से श्रीरामचंद्रजी के चरित्र को सुनकर सभी भक्त भाव विभोर हो गए। गढ़वाल की संस्कृति फेसबुक पेज के माध्यम से प्रतिदिन कथा का लाइव प्रसारण किया जाएगा।
यज्ञ आचार्य अमन ममगाई, नीरज बलूनी, जय प्रकाश बलूनी, राहुल बलूनी, सुरेश बलूनी द्वारा यज्ञ कार्य संपन्न करवाया जा रहा है। बहुमुखी प्रतिभा के धनी अमन ममगाई यज्ञ आचार्य के अलावा तबला वादन भी कर रहे हैं, कीबोर्ड पर नीरज डुकलान एवं ढोलक पर धीरज बिष्ट के द्वारा मधुर संगीत कथा पर चार चांद लगा रहे हैं। सतपुली के तेजू साउंड के द्वारा कथा को भक्तों तक स्पष्ट रूप पहुंचाया जा रहा है।

आज प्रथम दिवस की कथा में 88 वर्षीय नीमा देवी, मंदिर समिति के कोषाध्यक्ष सुखपाल सिंह रावत, प्रशासक ग्राम पंचायत उतिण्डा सीमा रावत, पूर्व प्रधान मनोरमा देवी बलूनी, मोहनलाल जुगरान, नरेश कुमार, संजय कुमार, ओमप्रकाश, महावीर सिंह रावत, चक्रधर प्रसाद बलूनी, प्रभा कुकरेती, रमेश चंद्र कुकरेती, ऋषभ बलूनी, सुशील बलूनी, चंपादेवी, शिवचंद्र सिंह रावत, सुरेंद्र सिंह रावत, रामलीला समिति के पूर्व अध्यक्ष जसपाल सिंह रावत, धीरजलाल, राजेंद्र सिंह रावत, धीरजमणि बलूनी आदि ग्रामीण उपस्थित रहे।
