जनता का ध्यान भटकाने के लिए यूकेडी नेताओं को जेल भेज रही है सरकार : डॉ.कपरवाण
कोटद्वार। उत्तराखंड क्रांति दल के वरिष्ठ विचारक एवं संरक्षक डॉ. शक्तिशैल कपरवाण ने शिब्बू नगर स्थित अपने कार्यालय में पत्रकार वार्ता में कहा कि भारत की पार्लियामेंट ने उत्तराखंड को एक पहाड़ी राज्य बनाया है और भारत के राष्ट्रपति के 1950 के अध्यादेश के अनुसार किसी भी जाति धर्म व्यवसाय का व्यक्ति उत्तराखंड में 1950 से निवास कर रहा है, वह पहाड़ी है क्योंकि उत्तराखंड पहाड़ी राज्य है ।
डॉ. कपरवाण ने कहा कि भौगोलिक दृष्टिकोण से पहाड़ी क्षेत्र का नियोजन, कार्य योजना, प्रशासनिक प्रबंधन मैदान से बहुत भिन्न है, इसलिए पहाड़ी विकास के लिए पहाड़ी योजनाओं की आवश्यकता है, क्योंकि पहाड़ कई वर्षों से पिछड़ा रहा है इसलिए वहां के विकास को हमेशा प्राथमिकता मिलनी चाहिए।

डॉ. शक्तिशैल कपरवाण ने कहा कि उत्तराखंड क्रांति दल ने हिमाचल प्रदेश की तर्ज पर उत्तराखंड राज्य निर्माण की मांग की थी, परन्तु भाजपा सरकार ने 2000 में उत्तराखंड की जनता के साथ धोखा किया, क्योंकि न तो हिमाचल प्रदेश जैसा भूकानून लागू किया गया और न ही उत्तर पूर्वी राज्यों की तरह धारा 371 का प्रावधान किया गया । आज भी उत्तराखंड में भू कानून और धारा 370 की मांग पर यूकेडी अडिग है।
डॉ. शक्तिशैल कपरवाण ने पत्रकार वार्ता में कहा कि उत्तराखंड क्रांति दल रोजगार, भू कानून, मूल निवास, जनता के मौलिक अधिकार, जल जंगल जमीन संबंधी अधिकार, लिविंग इन रिलेशन को समाप्त करना जैसे जनता के मुद्दों को लेकर के संघर्षरत है और राज्य सरकार के पास इन मौलिक सवालों के हल का कोई जवाब नहीं है, इसलिए जनता का ध्यान भटकाने के लिए राज्य सरकार यूकेडी के संघर्षरत कार्यकर्ताओं को जेल भेज रही है और यूकेडी के सक्रिय कार्यकर्ताओं को चिन्हित कर उन्हें जेल भेजने की साजिश कर रही है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड राज्य आंदोलन में वह कई बार जेल गए, उन्हें इस बात की चिंता नहीं है, उन्हें सरकार जेल डालेंगी।,यूकेडी का कार्यकर्ता निडर होकर जनता के मौलिक मुद्दों के लिए लड़ाई लड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि युवा नेताओं पर झूठे मुकदमे दर्ज करवाकर जेल डाला गया है ,उन्हें रिहा करने के लिए यूकेडी कानूनी कार्रवाई करेगी।
