आखिरकार कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने मंत्री पद से दिया इस्तीफा
देहरादून। कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल को बजट सत्र के दौरान विधानसभा में उत्तराखंड वासियों पर अभद्र टिप्पणी करने की कीमत मंत्री पद से इस्तीफा देकर चुकानी पड़ी।
प्रेमचंद अग्रवाल के अमर्यादित बयान से उत्तराखंड के लोग आक्रोशित हो गए थे। जगह जगह रैलियों एवं पुतला दहन के अनेक कार्यक्रम हुए।

प्रेमचंद अग्रवाल के इस्तीफे को लेकर गैरसैंण में पूर्व सैनिक भुवन कठैत, किसान पुत्र कार्तिक उपाध्याय एवं सैनिक पुत्री कुसुमलता बौड़ाई आमरण पर बैठे हुए हैं। मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल के इस्तीफे के लिए अनशन पर बैठे इन तीनों लोगों ने भारत के महामहिम राष्ट्रपति को खून से लिखा पत्र भी भेजा।
आज शाम प्रेमचंद अग्रवाल ने प्रेसवार्ता करके यह जानकारी दी कि वे प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को अपना इस्तीफा सौंपने जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि मेरे जैसे उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी की बात को तोड़ मरोड़कर प्रस्तुत किया गया, जिससे मैं बहुत आहत हूं। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि आज मेरे प्रदेश में जो वातावरण बना है, मेरी इच्छा है मेरा प्रदेश आगे बढ़े और मैंने त्यागपत्र देने का फैसला किया है, इतना कहकर वे उठकर चले गए।
