एससी-एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम के मामलों में समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश
पीड़ितों को राहत एवं आर्थिक सहायता देने में देरी न करने को कहा, जिला स्तरीय सतर्कता एवं अनुश्रवण समिति की बैठक आयोजित
पौड़ी। अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत दर्ज मामलों की समीक्षा और पीड़ितों को अनुमन्य सहायता उपलब्ध कराने को लेकर बुधवार को विकास भवन स्थित वीसी कक्ष में जिला स्तरीय सतर्कता एवं अनुश्रवण समिति की बैठक आयोजित की गई। मुख्य विकास अधिकारी अशोक जोशी की अध्यक्षता में हुई बैठक में लंबित प्रकरणों, राहत एवं आर्थिक सहायता तथा अनुसूचित जाति-जनजाति के कल्याण से जुड़े विषयों पर चर्चा की गई।

मुख्य विकास अधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि अधिनियम के तहत प्राप्त मामलों में नियमानुसार समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। पीड़ितों को शासन के प्रावधानों के अनुसार राहत एवं आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने में अनावश्यक विलंब न किया जाए। उन्होंने कहा कि सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय से कार्य करते हुए पीड़ितों को न्याय एवं सहायता उपलब्ध कराने के लिए प्रभावी कदम उठाएं।
उन्होंने समिति की बैठक में दिए गए सुझावों और निर्देशों पर आवश्यक कार्रवाई करते हुए उसकी प्रगति से समिति को अवगत कराने के निर्देश भी दिए।
बैठक में जिला समाज कल्याण अधिकारी रोहित दुबड़िया ने अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के कल्याण के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं और अधिनियम के अंतर्गत मिलने वाली सहायता की जानकारी दी। समिति के सदस्यों ने भी अपने सुझाव रखे। साथ ही कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों तक पहुंचाने और अधिनियम के प्रावधानों का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
बैठक में समिति अध्यक्ष गेंदा लाल टम्टा, सदस्य नरेंद्र प्रसाद टम्टा, हरीश चंद्र शाह, क्षेत्राधिकारी तपेश कुमार चंद, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी राम सलोने, जिला पंचायतीराज अधिकारी जितेंद्र कुमार, क्षेत्रीय युवा कल्याण अधिकारी मनोज कुमार सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं समिति के सदस्य उपस्थित रहे।

