22 नवंबर से पौड़ी में चलेगा पल्स पोलियो अभियान, 50,404 बच्चों को पिलाई जाएगी खुराक
जिलाधिकारी ने तैयारियों की समीक्षा कर विभागों को दिए समन्वय से कार्य करने के निर्देश, 656 बूथों पर होगा टीकाकरण
पौड़ी। जनपद पौड़ी गढ़वाल में आगामी 22 नवंबर से उप-राष्ट्रीय पल्स पोलियो प्रतिरक्षण अभियान शुरू होगा। अभियान के तहत जिले के 50,404 बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अभियान की तैयारियों को लेकर बुधवार को विकास भवन सभागार में जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया की अध्यक्षता में जिला टास्क फोर्स की बैठक आयोजित की गई। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से कार्य करते हुए अभियान को सफल बनाने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने कहा कि अभियान का उद्देश्य प्रत्येक पात्र बच्चे तक पोलियो की खुराक पहुंचाना है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग के साथ बाल विकास, शिक्षा, पंचायती राज, पुलिस, परिवहन एवं वन विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। उन्होंने अभियान से पूर्व व्यापक प्रचार-प्रसार करने, विद्यालयों में जागरूकता गतिविधियां संचालित करने तथा आशा एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के माध्यम से अभिभावकों को बच्चों को पोलियो बूथ तक लाने के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने नवजात शिशुओं, दो वर्ष से कम आयु के बच्चों और बीमार बच्चों के अभिभावकों से विशेष संपर्क करने को कहा। बूथ दिवस के बाद स्वास्थ्य टीमें घर-घर जाकर छूटे हुए बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाएंगी। दुगड्डा विकासखंड के भाबर, कालागढ़, लक्ष्मणझूला, स्वर्गाश्रम, चिल्ला-कुनाऊं एवं गंगाभोगपुर क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। वहीं, रेलवे स्टेशन, बस अड्डों और वन गुर्जर बस्तियों सहित दुर्गम क्षेत्रों में स्वास्थ्य टीमों को आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने को कहा गया।
656 बूथों पर होगा टीकाकरण
अभियान के लिए जनपद में 656 पोलियो बूथ बनाए जाएंगे। बूथ दिवस के बाद घर-घर भ्रमण के लिए 1,312 टीमें तैनात रहेंगी। अभियान में 2,624 वैक्सीनेटर, 1,010 आशा कार्यकर्त्रियां, 1,771 आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियां और 131 सुपरवाइजर जिम्मेदारी संभालेंगे। इसके लिए 3,150 वैक्सीन वाइल की व्यवस्था की जाएगी। अभियान के दायरे में कुल 1,33,581 घरों को शामिल किया गया है।
चिकित्सालयों की व्यवस्थाओं की भी समीक्षा
बैठक में जिलाधिकारी ने जनपद के स्वास्थ्य केंद्रों में ओपीडी, संस्थागत प्रसव, डिलीवरी सेवाओं, अल्ट्रासाउंड सुविधाओं, मूलभूत संसाधनों और कार्मिकों के वेतन भुगतान की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने संस्थागत प्रसव में हो रहे सुधार को बनाए रखने और इसमें और वृद्धि करने के निर्देश दिए। साथ ही प्रसव की संभावित तिथि नजदीक होने वाली गर्भवती महिलाओं की नियमित निगरानी करने को कहा।
खुशियों की सवारी सेवा की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने इसके नियमित और सुचारू संचालन के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सेवा में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित वेंडर की जिम्मेदारी तय कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
धुमाकोट में मरम्मत कार्य पूरा, थलीसैंण में 30 नवंबर तक समयसीमा
जिलाधिकारी ने रिखणीखाल, थलीसैंण और धुमाकोट चिकित्सालयों के निर्माण एवं मरम्मत कार्यों की भी समीक्षा की। उन्होंने बताया कि रिखणीखाल चिकित्सालय के निर्माण के लिए धनराशि अवमुक्त हो चुकी है और संबंधित कार्यदायी संस्था को जल्द कार्य शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। थलीसैंण चिकित्सालय का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है, जिसे 30 नवंबर तक पूरा करने के निर्देश ग्रामीण निर्माण विभाग को दिए गए हैं। वहीं, धुमाकोट चिकित्सालय का निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है।
जिलाधिकारी ने सभी निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और निर्धारित समयसीमा का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पल्स पोलियो अभियान के साथ-साथ जनपद में स्वास्थ्य सेवाओं की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित करना भी प्राथमिकता है।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अशोक जोशी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मेघना असवाल, जिला पंचायत राज अधिकारी जितेंद्र कुमार, जिला शिक्षाधिकारी (प्राथमिक) अंशुल बिष्ट, जिला कार्यक्रम अधिकारी महबूब खान, चिकित्साधिकारी डॉ. अमित मेहरा, एआरटीओ मंगल सिंह, एडीपीआरओ प्रदीप सुंदरियाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं स्वास्थ्य केंद्रों के प्रभारी चिकित्साधिकारी उपस्थित रहे।

