डॉ. सुनील दत्त थपलियाल को मिला उत्तराखंड गौरव रत्न पुरस्कार
विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूरी ने कोटद्वार में आयोजित समारोह में किया सम्मानित, मुनिकीरेती की पालिकाध्यक्ष नीलम बिजल्वाण को भी मिला पुरस्कार
कोटद्वार। शिक्षा, साहित्य और समाज सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए श्री भरत मंदिर इंटर कॉलेज, ऋषिकेश के शिक्षक डॉ. सुनील दत्त थपलियाल को प्रतिष्ठित ‘उत्तराखंड गौरव रत्न पुरस्कार 2024-25’ से सम्मानित किया गया है। कोटद्वार में आयोजित भव्य समारोह में उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूरी ने उन्हें यह सम्मान प्रदान किया।

यह पुरस्कार ‘उत्तराखंड डिस्कवर 24 चैनल’ की ओर से प्रदेश की उन प्रतिभाओं को प्रदान किया जाता है, जिन्होंने राजनीतिक, सामाजिक, शैक्षणिक, सांस्कृतिक और साहित्यिक क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान दिया है। डॉ. थपलियाल का चयन शिक्षा, साहित्य, संस्कृति और समाज सेवा के क्षेत्र में उनके दीर्घकालिक योगदान को देखते हुए किया गया।
डॉ. सुनील दत्त थपलियाल शिक्षण कार्य के साथ ही साहित्य और संस्कृति के संवर्द्धन में भी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। कोरोना महामारी के दौरान उन्होंने ‘आवाज़’ साहित्यिक संस्था के फेसबुक पेज और अन्य डिजिटल माध्यमों से साहित्यिक एवं सांस्कृतिक संवाद की अनूठी पहल की थी। इस पहल के माध्यम से देश-विदेश के विद्वानों, साहित्यकारों और आम लोगों को एक मंच पर जोड़कर सकारात्मक संवाद को बढ़ावा दिया गया।
डॉ. थपलियाल एक प्रतिष्ठित साहित्यकार और शिक्षक होने के साथ ही कुशल मंच संचालक एवं उद्घोषक के रूप में भी पहचान रखते हैं। उनकी प्रभावशाली वाणी और मंच संचालन की विशिष्ट शैली ने उन्हें विभिन्न सामाजिक, साहित्यिक और सांस्कृतिक आयोजनों में अलग पहचान दिलाई है।
इससे पूर्व भी उन्हें शिक्षा एवं साहित्य के क्षेत्र में कई प्रतिष्ठित सम्मानों से नवाजा जा चुका है। इनमें राष्ट्रीय नवाचारी शिक्षक सम्मान, राष्ट्रीय गौरव सम्मान तथा विभिन्न साहित्यिक एवं सांस्कृतिक संस्थाओं द्वारा प्रदान किए गए सम्मान शामिल हैं। उन्हें राज्यपाल और प्रदेश के मुख्यमंत्रियों के हाथों भी प्रशस्ति पत्र एवं सम्मान प्राप्त हो चुके हैं।
इसी समारोह में मुनिकीरेती नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती नीलम बिजल्वाण को भी उनके क्षेत्र में किए गए उत्कृष्ट कार्यों के लिए ‘उत्तराखंड गौरव रत्न पुरस्कार 2024-25’ प्रदान किया गया।
दोनों प्रतिभाओं को सम्मान मिलने पर ऋषिकेश, मुनिकीरेती सहित पूरे उत्तराखंड के शिक्षा, साहित्य और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोगों ने प्रसन्नता जताई है। लोगों ने इसे प्रदेश की प्रतिभाओं और उनके उल्लेखनीय योगदान का सम्मान बताते हुए दोनों को बधाई दी।

