ऋषिकेश

गंगा संरक्षण का संदेश लेकर ऋषिकेश में आयोजित हुई पांचवीं गंगा सस्टेनेबिलिटी रन

स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने दिखाई हरी झंडी, 10, 21, 35 और 50 किलोमीटर की दौड़ में प्रतिभागियों ने लिया हिस्सा

ऋषिकेश। मां गंगा के संरक्षण, पर्यावरणीय संतुलन और सतत विकास के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से रविवार को ऋषिकेश में पांचवीं गंगा सस्टेनेबिलिटी रन-ऋषिकेश हिमालयाज का आयोजन किया गया। परमार्थ निकेतन के सहयोग से विवेकानंद यूथ कनेक्ट फाउंडेशन की ओर से आयोजित इस दौड़ का शुभारंभ परमार्थ पीठाधीश्वर स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने झंडी दिखाकर किया।

‘स्वच्छ गंगा के लिए दौड़ें, बेहतर भविष्य के लिए दौड़ें’ के संदेश के साथ आयोजित इस कार्यक्रम में प्रतिभागियों ने दौड़ के माध्यम से गंगा संरक्षण, पर्यावरण संवर्धन और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का आह्वान किया। प्रतियोगिता में धावकों के लिए 10, 21, 35 और 50 किलोमीटर की श्रेणियां निर्धारित की गई थीं।

दौड़ का शुभारंभ गंगा बैराज, नीलकंठ रोड पर एम्स ऋषिकेश के गेट नंबर एक के सामने से हुआ। इसका समापन जानकी सेतु के समीप बीटल्स आश्रम और परमार्थ निकेतन के मध्य निर्धारित स्थल पर किया गया। हिमालय की पर्वत श्रृंखलाओं, जंगलों, झरनों और मां गंगा की अविरल धारा के बीच आयोजित इस दौड़ ने प्रतिभागियों को प्राकृतिक सौंदर्य के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने कहा कि मां गंगा केवल एक नदी नहीं, बल्कि भारत की जीवनधारा, आध्यात्मिक चेतना और प्रकृति की अमूल्य धरोहर हैं। गंगा का संरक्षण वास्तव में जीवन, संस्कृति और सृष्टि के संरक्षण का संकल्प है। उन्होंने कहा कि गंगा की निर्मलता और अविरलता बनाए रखने के लिए प्रत्येक व्यक्ति का योगदान महत्वपूर्ण है। सभी को स्वच्छ गंगा, स्वस्थ हिमालय और सुरक्षित भविष्य के लिए सामूहिक प्रयास करने चाहिए।

विवेकानंद यूथ कनेक्ट फाउंडेशन के डॉ. राजेश ने कहा कि गंगा सस्टेनेबिलिटी रन केवल एक दौड़ नहीं, बल्कि मां गंगा के प्रति कृतज्ञता, प्रकृति के प्रति प्रतिबद्धता और आने वाली पीढ़ियों के प्रति जिम्मेदारी का प्रतीक है। गंगा को स्वच्छ और अविरल रखना किसी एक संस्था का नहीं, बल्कि पूरे समाज का सामूहिक दायित्व है।

आयोजन का उद्देश्य शारीरिक क्षमता के विकास के साथ प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण को जन-आंदोलन का रूप देना रहा। इसके माध्यम से लोगों को स्वच्छता, जिम्मेदार जीवनशैली और पर्यावरण के प्रति संवेदनशील व्यवहार अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम के दौरान स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने धावकों को फिनिशर मेडल देकर सम्मानित किया।

कार्यक्रम में टीएचडीसी के प्रबंध निदेशक एवं निदेशक (वित्त) सिपान कुमार गर्ग, ऋषिकेश के महापौर शंभू पासवान, पूर्व महापौर अनीता ममगाईं, उद्योगपति दिलीप लाठी सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

गंगा सस्टेनेबिलिटी रन ने ‘हर कदम प्रकृति के लिए, हर श्वास मां गंगा के लिए’ का संदेश देते हुए स्वच्छ पर्यावरण, स्वस्थ जीवन और निर्मल गंगा के लिए सामूहिक सहभागिता का आह्वान किया।

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