हेडलाइन: मॉरीशस के पूर्व राष्ट्रपति पृथ्वीराजसिंह रूपन ने परमार्थ निकेतन में की गंगा आरती
ऋषिकेश। मॉरीशस गणराज्य के पूर्व राष्ट्रपति पृथ्वीराजसिंह रूपन ने रविवार को परमार्थ निकेतन पहुंचकर विश्वविख्यात गंगा आरती में सहभाग किया। परमार्थ निकेतन के पीठाधीश्वर स्वामी चिदानंद सरस्वती और साध्वी भगवती सरस्वती के सान्निध्य में तुलसी पूजन एवं दीप प्रज्वलन भी किया गया। इस दौरान भारत और मॉरीशस की साझा सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक विरासत की झलक देखने को मिली।

पूर्व राष्ट्रपति रूपन ने मॉरीशस में घर के मुख्य द्वार पर तुलसी का पौधा रखने और उसके समीप दीप प्रज्वलित करने की परंपरा का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भौगोलिक दूरियों के बावजूद भारतीय संस्कृति और पारिवारिक संस्कार आज भी पीढ़ी-दर-पीढ़ी जीवंत हैं।
स्वामी चिदानंद सरस्वती ने कहा कि भारत और मॉरीशस के संबंध साझा संस्कृति, संस्कारों और सनातन मूल्यों पर आधारित हैं। वहीं साध्वी भगवती सरस्वती ने कहा कि पारंपरिक संस्कारों, रामायण पाठ और प्रकृति के प्रति श्रद्धा को नई पीढ़ी तक पहुंचाना सामूहिक जिम्मेदारी है।
इस अवसर पर महर्षि वाल्मीकि जयंती और संत मीराबाई जयंती के संदेशों को भी स्मरण किया गया। रामायण के आदर्शों और मीराबाई की कृष्णभक्ति के माध्यम से प्रेम, त्याग, समर्पण और सदाचार को जीवन में अपनाने का आह्वान किया गया।

