अंकिता हत्याकांड: कथित वीआईपी प्रकरण की सीबीआई जांच हो, दुष्यंत गौतम की नियुक्ति रद्द करने की मांग तेज
देहरादून। अंकिता न्याय यात्रा संयुक्त संघर्ष मंच ने अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े कथित वीआईपी प्रकरण की निष्पक्ष जांच और सिक्किम के राज्यपाल पद पर नियुक्त दुष्यंत कुमार गौतम की नियुक्ति निरस्त करने की मांग की है। इस संबंध में मंच की ओर से जिलाधिकारी देहरादून के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन प्रेषित किया गया। मंच के अनुसार, प्रदेश के विभिन्न जिलों में भी संगठनों ने उपजिलाधिकारी और जिलाधिकारियों के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजकर दुष्यंत कुमार गौतम की नियुक्ति रद्द करने की मांग उठाई।

मंच का कहना है कि अंकिता भंडारी हत्याकांड में दोषियों को सजा मिलने के बावजूद कथित वीआईपी की भूमिका और मामले से जुड़े कई सवाल अब भी जांच की मांग करते हैं। मंच ने मांग की कि इस प्रकरण की निष्पक्ष, पारदर्शी और व्यापक जांच कराई जाए, ताकि सभी अनुत्तरित सवालों का जवाब सामने आ सके।
ज्ञापन में दुष्यंत कुमार गौतम और अजेय कुमार को कथित वीआईपी प्रकरण से संबंधित जांच के दायरे में लाने की मांग की गई। मंच ने संबंधित व्यक्तियों की संभावित भूमिका की जांच के लिए कॉल डिटेल रिकॉर्ड, मोबाइल लोकेशन, व्हाट्सऐप चैट और अन्य डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण कराने की मांग भी रखी।
इसके अलावा, वनंतरा रिजॉर्ट में अंकिता के कमरे को ध्वस्त किए जाने के मामले को भी ज्ञापन में उठाया गया। मंच ने इस कार्रवाई से संभावित साक्ष्यों को हुए नुकसान की जांच कराने तथा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, यमकेश्वर विधायक रेणु बिष्ट और अन्य संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की समीक्षा करने की मांग की।
ज्ञापन में पुलकित आर्य के मोबाइल फोन से संबंधित डिजिटल साक्ष्यों की जांच का मुद्दा भी उठाया गया। मंच ने मांग की कि उपलब्ध तकनीकी और कानूनी प्रक्रियाओं के तहत फोन का डेटा प्राप्त करने की संभावनाओं की पड़ताल की जाए और संबंधित डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण कर कथित वीआईपी प्रकरण से जुड़े संभावित संपर्कों की जांच की जाए।
मंच का कहना है कि अंकिता भंडारी को पूर्ण न्याय दिलाने के लिए दोषियों को सजा मिलने के साथ ही मामले से जुड़े सभी अनुत्तरित सवालों का साक्ष्य-आधारित समाधान जरूरी है। इसी उद्देश्य से राष्ट्रपति से मामले में संज्ञान लेकर संबंधित प्राधिकारियों को उचित कार्रवाई के निर्देश देने का आग्रह किया गया है।
ज्ञापन देने वालों में कमला पंत, मोहित डिमरी, इंद्रेश मैखुरी, सुजाता पॉल, निर्मला बिष्ट, विमला कोली, प्रभात डंडरियाल, त्रिलोचन भट्ट, उर्मिला शर्मा, सुरेश कुमार और राजू सिंह सहित विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि शामिल रहे।

