पौड़ी में 551 पात्र लोगों की पेंशन स्वीकृत, घर-घर पहुंच रहीं प्रशासन की टीमें
पेंशन से वंचित लोगों को चिह्नित कर आवेदन से स्वीकृति तक दिलाई जा रही मदद, डीएम स्वाति एस भदौरिया के निर्देशन में अभियान जारी
पौड़ी गढ़वाल। जनपद में सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों तक पहुंचाने के लिए जिला प्रशासन विशेष अभियान चला रहा है। जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया के निर्देशन में विभागीय टीमें घर-घर जाकर पेंशन से वंचित पात्र लोगों को चिह्नित कर रही हैं। अभियान के तहत अब तक 551 पात्र व्यक्तियों के पेंशन आवेदन स्वीकृत किए जा चुके हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ की भावना के अनुरूप चलाए जा रहे इस अभियान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जानकारी के अभाव, आवश्यक दस्तावेजों की कमी या ऑनलाइन आवेदन करने में असमर्थता के कारण कोई भी पात्र व्यक्ति पेंशन के लाभ से वंचित न रहे।
जिलाधिकारी ने जुलाई माह में आयोजित बैठक में समाज कल्याण विभाग और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि पेंशन योजनाओं के लिए केवल आवेदनों का इंतजार न किया जाए, बल्कि स्वयं पहल कर पात्र लोगों की पहचान की जाए। इसके बाद ग्रामीण और नगरीय क्षेत्रों में घर-घर संपर्क कर जरूरतमंद लोगों को योजनाओं से जोड़ने की प्रक्रिया शुरू की गई।
अभियान के तहत ग्राम विकास अधिकारियों, ग्राम पंचायत विकास अधिकारियों, खंड विकास अधिकारियों, राजस्व उपनिरीक्षकों और अन्य संबंधित कार्मिकों के सहयोग से पात्र व्यक्तियों की पहचान की गई। सहायक समाज कल्याण अधिकारियों के माध्यम से आवेदन कराए गए। इसके साथ ही आवश्यक दस्तावेज जुटाने, अभिलेखों की जांच और पात्रता सत्यापन की प्रक्रिया पूरी कराई गई। विभिन्न स्तरों पर औपचारिकताएं पूरी होने के बाद जिला समाज कल्याण अधिकारी ने आवेदनों को अंतिम स्वीकृति प्रदान की।
जिला समाज कल्याण अधिकारी रोहित दुबड़िया ने बताया कि पेंशन संतृप्तिकरण अभियान के तहत अब तक 551 पात्र व्यक्तियों के आवेदन स्वीकृत किए जा चुके हैं। इनमें वृद्धावस्था पेंशन के 397, किसान पेंशन के 49, दिव्यांग पेंशन के 45 और निराश्रित विधवा महिला पेंशन के 60 लाभार्थी शामिल हैं।
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को अभियान प्रभावी ढंग से संचालित करने और पात्र व्यक्तियों की पहचान से लेकर आवेदन प्रक्रिया तक तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ वास्तविक पात्र व्यक्तियों तक पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता है। विभागीय समन्वय के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी पात्र व्यक्ति जानकारी के अभाव या आवेदन संबंधी परेशानी के कारण पेंशन के लाभ से वंचित न रहे।

