अंकिता को न्याय की मांग लेकर दिल्ली में हुंकार, इंडिया गेट से राष्ट्रपति भवन तक मार्च
दिल्ली। मूल निवास भू-कानून संघर्ष समिति के संस्थापक संयोजक मोहित डिमरी ने अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय की मांग को लेकर दिल्ली में इंडिया गेट से राष्ट्रपति भवन तक मार्च का आह्वान किया है। 18 अक्टूबर को दोपहर 12 बजे होने वाले इस मार्च के माध्यम से राष्ट्रपति महोदया को ज्ञापन सौंपकर दुष्यंत गौतम की सिक्किम के राज्यपाल पद पर नियुक्ति निरस्त करने पर विचार करने और हत्याकांड में कथित वीआईपी की भूमिका की निष्पक्ष सीबीआई जांच सुनिश्चित करने की मांग की जाएगी।

मोहित डिमरी ने कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड को चार वर्ष से अधिक समय बीतने के बावजूद कई सवालों के जवाब सामने नहीं आए हैं। हत्याकांड में कथित वीआईपी को लेकर सामने आए नामों और कथित ऑडियो वार्ता के बाद जनता के मन में गंभीर सवाल हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा जनवरी में सीबीआई जांच के आदेश दिए जाने के बावजूद जांच की प्रगति को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है।
उन्होंने दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किए जाने पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि इस मामले में निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करना और जनता के मन में बनी आशंकाओं को दूर करना आवश्यक है। इसी उद्देश्य से राष्ट्रपति महोदया को ज्ञापन सौंपकर नियुक्ति निरस्त करने पर विचार करने और कथित वीआईपी की भूमिका की निष्पक्ष जांच की मांग की जाएगी।
मोहित डिमरी ने कहा कि यह केवल अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की लड़ाई नहीं, बल्कि उत्तराखंड की अस्मिता और स्वाभिमान से जुड़ा सवाल है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की जनता चाहती है कि मामले की सच्चाई सामने आए और दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई हो।

