परमार्थ निकेतन में माँ कालरात्रि की आराधना, हवन और भंडारे का आयोजन
ऋषिकेश। शारदीय नवरात्रि के सप्तम दिवस पर चन्द्रेश्वर नगर स्थित परमार्थ विद्या मंदिर में माँ कालरात्रि की विशेष पूजा-अर्चना, हवन और विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। परमार्थ पीठाधीश्वर स्वामी चिदानंद सरस्वती के सान्निध्य में आयोजित धार्मिक अनुष्ठान में विश्व शांति, मानव कल्याण और प्रकृति संरक्षण की कामना की गई।

इस अवसर पर स्वामी चिदानंद सरस्वती ने माँ कालरात्रि की आराधना के महत्व पर प्रकाश डालते हुए निर्भयता, आत्मबल और सकारात्मकता अपनाने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि आध्यात्मिक साधना का वास्तविक उद्देश्य जीवन में प्रेम, करुणा, सद्भाव और सेवा के भाव को विकसित करना है। हवन के माध्यम से नकारात्मक विचारों का त्याग कर लोकमंगल के संकल्प को अपनाने की प्रेरणा दी गई।
आयोजित भंडारे के माध्यम से अन्नदान, समभाव और मानव सेवा का संदेश दिया गया। इस अवसर पर राजीव जैन, नीना जैन, सुभाष छेत्री, उपासना सहित परमार्थ विद्या मंदिर के शिक्षक-शिक्षिकाएं, परमार्थ गुरुकुल के ऋषिकुमार और आचार्य उपस्थित रहे।

