व्यास जी की पुण्य स्मृति में भागवत कथा से भक्तिमय हुआ माहौल
ऋषिकेश। ब्रह्मलीन आसाराम व्यास जी की पावन पुण्य स्मृति में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन श्रद्धालु भगवान की लीलाओं के श्रवण में भाव-विभोर हो उठे। कथा व्यास आचार्य शिवराम भट्ट जी ने मधुर वाणी में शुकदेव जी के प्राकट्य, राजा परीक्षित को मिले शाप, गंगा तट पर शुकदेव-परीक्षित संवाद, भगवान के 24 अवतारों और सृष्टि की रचना के प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन किया।

कथाव्यास ने कहा कि भगवान की कथा केवल श्रवण का विषय नहीं, बल्कि जीवन को संवारने का दिव्य मार्ग है। संतों और गणमान्य व्यक्तियों का मिलन समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है। इस अवसर पर विभिन्न सामाजिक, शैक्षणिक, धार्मिक और साहित्यिक संस्थाओं से जुड़े गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कथा के दौरान पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा।

