परमार्थ निकेतन में गूंजेगी रामभक्ति, चौथी बार सजी माँ शबरी रामलीला
ऋषिकेश। माँ गंगा के पावन तट स्थित परमार्थ निकेतन में 11 से 15 अक्टूबर तक पाँच दिवसीय माँ शबरी रामलीला का भव्य आयोजन किया जा रहा है। भक्ति, समरसता, त्याग और प्रभु श्रीराम के प्रति अनन्य प्रेम को समर्पित इस रामलीला का शुभारंभ परमार्थ पीठाधीश्वर स्वामी चिदानन्द सरस्वती महाराज, भारतीय जनता पार्टी के पंजाब सह-प्रभारी एवं माँ शबरी रामलीला के अध्यक्ष श्री वीरेन्द्र सचदेवा सहित अन्य अतिथियों और कलाकारों ने दीप प्रज्वलित कर किया।

परमार्थ निकेतन में चौथी बार आयोजित हो रही इस रामलीला में ओडिशा और छत्तीसगढ़ के आदिवासी एवं जनजातीय कलाकार संगीतमय नाट्य शैली में रामकथा का भावपूर्ण मंचन कर रहे हैं। कलाकारों की सजीव प्रस्तुतियां भारतीय लोकसंस्कृति, संगीत और आध्यात्मिक परंपरा की अनूठी झलक प्रस्तुत कर रही हैं।
रामलीला के माध्यम से माँ शबरी के निष्कपट प्रेम, अटूट विश्वास और वर्षों की प्रतीक्षा की प्रेरक गाथा को जीवंत किया जा रहा है। माँ शबरी द्वारा प्रभु श्रीराम को प्रेमपूर्वक बेर अर्पित करने का प्रसंग सामाजिक समानता, समरसता और मानवीय गरिमा का संदेश देता है। कथा यह प्रेरणा देती है कि ईश्वर के लिए जाति, वर्ग और बाहरी आडंबर नहीं, बल्कि भक्त का निर्मल हृदय और सच्चा समर्पण महत्वपूर्ण है।
इस अवसर पर स्वामी चिदानन्द सरस्वती महाराज ने संदेश दिया कि माँ शबरी की भक्ति हमें प्रेम, करुणा, सेवा और भेदभाव से मुक्त समाज की प्रेरणा देती है। प्रभु श्रीराम वहाँ विराजते हैं, जहाँ सबको अपनाने और सम्मान देने का भाव होता है। रामकथा के आदर्शों को जीवन और व्यवहार में उतारकर ही समरस एवं संवेदनशील समाज का निर्माण किया जा सकता है।
माँ शबरी रामलीला नारी गरिमा, सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक एकता का भी सशक्त संदेश दे रही है। आयोजन के माध्यम से नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति और प्रभु श्रीराम के आदर्शों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। परमार्थ निकेतन ने श्रद्धालुओं, पर्यटकों और संस्कृति प्रेमियों से इस आयोजन में सहभागिता करने की अपील की है। जो श्रद्धालु कार्यक्रम में प्रत्यक्ष रूप से शामिल नहीं हो सकते, वे परमार्थ निकेतन के आधिकारिक सोशल मीडिया पेजों के माध्यम से भी जुड़ सकते हैं।
कार्यक्रम में श्री विश्व मोहन शर्मा, श्री मनोज त्यागी, श्री सुमित कुमार, श्री जितेंद्र चौरसिया और डॉ. मुकेश कुमार सहित अन्य लोगों का सहयोग रहा। कलाकार राहुल, हितेश, चंचल, राहुल परिहार और हरमीत सिंह ने अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों का मन मोह लिया। आयोजन में निदेशक डॉ. अनु, चारू सिंह और उपनिदेशक प्रवीण का विशेष योगदान रहा।

