पौड़ी

सिरासू को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की तैयारी, स्थानीय युवाओं और महिलाओं को मिलेगा रोजगार

राफ्टिंग-बोटिंग, होमस्टे और प्री-वेडिंग शूट डेस्टिनेशन को मिलेगा बढ़ावा, डीएम ने अधिकारियों को दिए विकास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश

पौड़ी गढ़वाल। यमकेश्वर विकासखंड के सिरासू क्षेत्र को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने और स्थानीय लोगों के लिए स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में पहल तेज हो गई है। जिलाधिकारी ने क्षेत्र का भ्रमण कर पर्यटन सुविधाओं के विस्तार, आधारभूत ढांचे के विकास और युवाओं एवं महिलाओं को रोजगारपरक प्रशिक्षण से जोड़ने के निर्देश दिए। क्षेत्र में राफ्टिंग-बोटिंग, होमस्टे, कैंटीन और प्री-वेडिंग शूट जैसी गतिविधियों को बढ़ावा देकर स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत करने पर जोर दिया गया।

जिलाधिकारी ने बताया कि सिरासू के समग्र विकास के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) शासन को भेजी गई है। इसमें दुकानें, वाटर पार्क, चिल्ड्रन पार्क और कॉटेज सहित विभिन्न पर्यटन सुविधाएं विकसित करने का प्रस्ताव शामिल है। भ्रमण के दौरान उन्होंने बच्चों के पार्क का निरीक्षण करते हुए आकर्षक झूले और सेल्फी पॉइंट विकसित करने के निर्देश दिए। साथ ही विद्युत व्यवस्था और शौचालय जैसी सुविधाओं के लिए प्राक्कलन तैयार करने को कहा। पार्किंग व्यवस्था विकसित करने के लिए टिहरी प्रशासन से समन्वय स्थापित करने के निर्देश भी दिए गए। पार्क का विकास ग्राम पंचायत और बच्चों के खेल मैदान का निर्माण ग्राम पंचायत एवं मनरेगा के माध्यम से कराने पर जोर दिया गया।

सिरासू क्षेत्र में राफ्टिंग एवं बोटिंग की संभावनाओं को देखते हुए जिलाधिकारी ने जिला पर्यटन अधिकारी को संभावित स्थलों का सर्वे कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने दुकानों के लिए भूमि हस्तांतरण संबंधी प्रस्ताव तैयार करने और बोटिंग गतिविधियों के लिए संबंधित क्षेत्र का चिन्हीकरण कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करने को कहा।

स्थानीय महिलाओं और युवतियों से संवाद के दौरान जिलाधिकारी ने उनके प्रशिक्षण एवं रोजगार संबंधी सुझाव भी सुने। उन्होंने खंड विकास अधिकारी को नवंबर माह से फोटोग्राफी, कैटरिंग और मेकअप आर्टिस्ट के प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू कराने की दिशा में कार्रवाई करने के निर्देश दिए। ब्यूटी पार्लर का प्रशिक्षण लेने वाली युवतियों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए होटल संचालकों और फोटोग्राफरों से समन्वय स्थापित करने को कहा।

ग्रामीणों ने क्षेत्र में होमस्टे और ब्यूटी पार्लर स्थापित करने की संभावनाओं से भी अवगत कराया। इस पर जिलाधिकारी ने इच्छुक लोगों को होमस्टे खोलने के लिए प्रोत्साहित करते हुए उपयुक्त स्थलों का चिन्हीकरण करने और ऋण सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित लोगों से 10 नवंबर से पहले होमस्टे के लिए आवेदन करने को कहा। इसके अलावा क्षेत्र में कैंटीन विकसित करने की संभावनाओं पर भी चर्चा की गई।

जिलाधिकारी ने ग्राम पंचायत की पहल की सराहना करते हुए कहा कि गांव को प्री-वेडिंग शूट डेस्टिनेशन के रूप में विकसित किया गया है, जिससे स्थानीय लोगों को स्वरोजगार के अवसर मिल रहे हैं। हालांकि, शूटिंग के लिए आने वाले लोग रात में यहां नहीं ठहरते हैं। ऐसे में पर्यटन सुविधाओं का विस्तार कर उन्हें रात्रि प्रवास के लिए आकर्षित करने पर जोर दिया गया, जिससे स्थानीय लोगों की आय बढ़ने के साथ क्षेत्र की पहचान भी मजबूत हो सके।

जिलाधिकारी ने पर्यटन स्थलों पर स्वच्छता बनाए रखने और गंदगी की रोकथाम के लिए प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। ग्रामीणों ने बंदरों के आतंक की समस्या भी उठाई, जिस पर जिलाधिकारी ने वन विभाग से समन्वय स्थापित कर आवश्यक कार्रवाई करने को कहा।

भ्रमण के दौरान जिलाधिकारी ने अंतरराष्ट्रीय शांति निकेतन का भी निरीक्षण किया और वहां मौजूद पर्यटकों से संवाद कर क्षेत्र में उपलब्ध पर्यटन सुविधाओं एवं व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी ली।

इस अवसर पर ग्राम प्रधान पवित्रा देवी, जिला पंचायत राज अधिकारी जितेंद्र कुमार, जिला पर्यटन अधिकारी कमल किशोर जोशी, तहसीलदार वैभव जोशी, खंड विकास अधिकारी आकाश बेलवाल, एडीओ पंचायत आदेश सैनी, प्रीतम सिंह राणा और कानूनगो सत्यपाल चौहान सहित संबंधित अधिकारी एवं स्थानीय ग्रामीण उपस्थित रहे।

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