आसाराम व्यास जी की पुण्यस्मृति में भागवत कथा का शुभारंभ
मुनिकीरेती/ऋषिकेश। तीर्थनगरी ऋषिकेश में मां गंगा के पावन तट पर रविवार को भक्ति, श्रद्धा और अध्यात्म का अनुपम संगम देखने को मिला। त्रिवेणी घाट से निकली भव्य कलश यात्रा के साथ ब्रह्मलीन पूज्य आसाराम व्यास जी की पुण्यस्मृति में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा का विधिवत शुभारंभ हुआ। कलश यात्रा में ढालवाला और मुनिकीरेती क्षेत्र की मातृशक्ति, बुजुर्गों एवं युवाओं सहित सैकड़ों श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। पूरा वातावरण भजन, भक्ति और धार्मिक उल्लास से सराबोर रहा।

कलश यात्रा के समापन के बाद कथा स्थल पर व्यास पीठ का विधि-विधान से स्तंभ पूजन किया गया। इसके पश्चात भगवताचार्य पूज्य श्री शिवराम भट्ट जी ने संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ किया। कथा के प्रथम दिन उन्होंने श्रीमद्भागवत महापुराण के महात्म्य का वर्णन करते हुए श्रद्धालुओं को इसके आध्यात्मिक महत्व से परिचित कराया।
भागवत श्रवण से होता है अंतःकरण का शुद्धिकरण
कथा व्यास शिवराम भट्ट जी ने कहा कि श्रीमद्भागवत महापुराण केवल धार्मिक कथा नहीं, बल्कि मनुष्य को भवसागर से पार उतारने का आध्यात्मिक मार्ग है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार मां गंगा में स्नान करने से तन और मन को पवित्रता का अनुभव होता है, उसी प्रकार श्रीमद्भागवत कथा के श्रवण से अंतःकरण की शुद्धि होती है और जीवन में सकारात्मकता एवं दिव्यता का संचार होता है।
उन्होंने श्रद्धालुओं को कथा के संदेशों को आत्मसात कर अपने जीवन में भक्ति, सदाचार और सद्भाव को अपनाने की प्रेरणा दी। प्रथम दिवस की संगीतमय कथा ने उपस्थित श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।
संतों और श्रद्धालुओं ने निभाई सहभागिता
कलश यात्रा का आयोजन मंडपाचार्य आचार्य प्रभाकर पैन्यूली, विपिन उनियाल, रोशन पैन्यूली, विमल पैन्यूली एवं कमल कांत चमोली के दिशा-निर्देशन में किया गया। इस अवसर पर कृष्ण दीप व्यास, प्रवीण व्यास, राहुल व्यास, हर्ष्मणी व्यास, मोहन लाल नौटियाल, दिनेश व्यास, संतोष व्यास, विशालमणि पैन्यूली, रमेश पैन्यूली, परेश्वर पैन्यूली, घनश्याम नौटियाल, सुरेंद्र सिंह भंडारी, गजेंद्र कंडियाल, आचार्य रामकृष्ण पोखरियाल, सर्वेश्वर पैन्यूली, हर्ष व्यास, विनोद सकलानी, महिपाल बिष्ट, रश्मि पैन्यूली, दर्शनी भंडारी, मीना एवं मदवान सहित सैकड़ों श्रद्धालु उपस्थित रहे।
गंगा तट पर शुरू हुए इस धार्मिक अनुष्ठान से ढालवाला और मुनिकीरेती क्षेत्र में भक्तिमय वातावरण बना रहा। श्रद्धालुओं ने श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण कर पुण्यलाभ अर्जित किया।

