पौड़ी

मुनि की रेती में 11 अक्टूबर से गूंजेगा श्रीराम की लीलाओं का जयघोष, 20 अक्टूबर को होगा रावण दहन

पंचम भव्य रामलीला मंचन की तैयारियां अंतिम चरण में, जन-जन को रामलीला से जोड़ने में जुटी मां गंगा रामलीला समिति

ऋषिकेश/मुनि की रेती। धर्म, संस्कृति और मर्यादा का संदेश देने वाली श्रीराम की लीलाओं का मंचन एक बार फिर मुनि की रेती में भव्य रूप से होने जा रहा है। मां गंगा रामलीला समिति (रजि.) की ओर से नवरात्र और दशहरा पर्व के अवसर पर आयोजित होने वाले पंचम भव्य रामलीला महोत्सव का शुभारंभ 11 अक्टूबर से होगा। 20 अक्टूबर तक चलने वाले दस दिवसीय आयोजन में भगवान श्रीराम के आदर्शों, त्याग, करुणा, मर्यादा और अधर्म पर धर्म की विजय का संदेश जन-जन तक पहुंचाया जाएगा।

रामलीला का मंचन प्रतिदिन रात्रि आठ बजे से होगा। आयोजन को भव्य स्वरूप देने के लिए समिति के पदाधिकारी और सदस्य दिन-रात तैयारियों में जुटे हैं। इस बार रामलीला को परंपरा और आधुनिक प्रस्तुति के समन्वय के साथ दर्शकों के सामने लाने की तैयारी की जा रही है। समिति का उद्देश्य नई पीढ़ी को भगवान श्रीराम के चरित्र, भारतीय संस्कृति, संस्कारों और उत्तराखंड की परंपराओं से जोड़ना है।

रामलीला के माध्यम से समाज को मिलेगा मर्यादा और संस्कारों का संदेश

समिति के अध्यक्ष संदीप परमार ने बताया कि भगवान श्रीराम का जीवन समाज के प्रत्येक वर्ग के लिए प्रेरणास्रोत है। उनकी लीलाओं के माध्यम से प्रेम, त्याग, सेवा, न्याय और मर्यादित आचरण का संदेश दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस बार रामलीला को नए कलेवर में प्रस्तुत करने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक लोग आयोजन से जुड़ें और युवा पीढ़ी अपनी संस्कृति एवं सभ्यता को करीब से समझ सके।

समिति के महासचिव अनिल बडोनी ने कहा कि इतने बड़े आयोजन को सफल बनाने में जनसहयोग की महत्वपूर्ण भूमिका है। समिति का प्रयास है कि भगवान श्रीराम की मर्यादा, आदर्शों और संस्कारों को घर-घर तक पहुंचाया जाए। नगरवासियों, जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से मिल रहे सहयोग से आयोजन को नई ऊर्जा मिल रही है।

घर-घर पहुंचकर रामकार्य के लिए सहयोग की अपील

समिति के कोषाध्यक्ष जितेंद्र उनियाल ने कहा कि रामलीला केवल एक सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने और सामूहिक सहभागिता बढ़ाने का माध्यम है। समिति के सदस्य घर-घर जाकर लोगों को आमंत्रित कर रहे हैं और आयोजन में तन, मन एवं धन से सहयोग की अपील कर रहे हैं। उनका कहना है कि जनभागीदारी से ही इस धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन को और अधिक भव्य बनाया जा सकता है।

मेघनाथ, कुंभकर्ण और रावण के पुतलों का होगा दहन

दशहरा पर्व के अवसर पर इस वर्ष भी मेघनाथ, कुंभकर्ण और रावण के पुतलों का दहन किया जाएगा। इसके माध्यम से अहंकार, बुराई और अधर्म के अंत का संदेश दिया जाएगा। रामलीला के दौरान विभिन्न प्रसंगों के मंचन के साथ मनोरंजक सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए जाएंगे। इन प्रस्तुतियों में उत्तराखंड की लोकसंस्कृति, परंपराओं और सामाजिक संदेशों की झलक देखने को मिलेगी।

कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल कर सकते हैं शुभारंभ

आयोजन से जुड़े सूत्रों के अनुसार, रामलीला महोत्सव का शुभारंभ कैबिनेट मंत्री एवं रामलीला समिति के संरक्षक सुबोध उनियाल के हाथों होने की जानकारी सामने आई है।

आयोजन को सफल बनाने में मुख्य सलाहकार देवेंद्र दत्त जोशी, पंडित दिनेश सेमल्टी, मनीष उनियाल, प्रदीप सकलानी, डॉ. मनीष भट्ट, सौरभ रणाकोटी, संजय पांजा, विजेंद्र रावत, विकास उपाध्याय, केशवानंद सेमवाल, गंगा रावत, अर्पित रावत, जसवंत कंडारी, सागर कुकरेती सहित समिति के अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य जुटे हुए हैं।

स्थान: रामलीला मैदान, नया पुल, 14 बीघा, मुनि की रेती, ऋषिकेश।

आयोजन अवधि: 11 से 20 अक्टूबर 2026।

समय: प्रतिदिन रात्रि आठ बजे से।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *