पौड़ी

सहकारी समितियों की कार्यप्रणाली में सुधार पर डीएम का जोर

न्यूनतम प्रगति वाली समितियों से स्पष्टीकरण तलब, सितंबर अंत तक एमपैक्स के कंप्यूटरीकरण के निर्देश
पौड़ी। जिला सहकारी विकास समिति की समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने सहकारी समितियों की कार्यप्रणाली को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने न्यूनतम प्रगति वाली समितियों से स्पष्टीकरण तलब करने के साथ ही एमपैक्स समितियों का कंप्यूटरीकरण सितंबर माह के अंत तक पूरा कराने को कहा।


मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में सहकारी समितियों की कार्यप्रगति, सहकारी देयकों की वसूली, कंप्यूटरीकरण, क्लस्टर आधारित कृषि गतिविधियों और किसानों की आय बढ़ाने से जुड़े विषयों की समीक्षा की गई। देयकों की वसूली में कम प्रगति पर डीएम ने नाराजगी जताते हुए संबंधित समिति सचिवों से कम वसूली के कारणों की जानकारी ली। उन्होंने सहायक जिला निबंधक को कम प्रगति वाली समितियों की नियमित निगरानी के निर्देश दिए।
डीएम ने संबंधित समिति सचिवों का वेतन रोकने के निर्देश देते हुए कहा कि यदि कम प्रगति का कारण संतोषजनक नहीं पाया गया तो प्रतिकूल प्रविष्टि की कार्रवाई की जाएगी।
किसानों की आय बढ़ाने पर फोकस
बैठक में जिलाधिकारी ने जिले में क्लस्टर आधारित खेती को बढ़ावा देने पर जोर दिया। उन्होंने एकेश्वर के बनेखखाल, पाबौ के ढिक्वाली और थलीसैंण के हस्यूड़ी में फूलों के उत्पादन की जानकारी लेते हुए अधिकारियों से किसानों को हो रहे शुद्ध लाभ की स्थिति जानी। उन्होंने उत्पादन में विविधता, मूल्य संवर्द्धन और बाजार की बेहतर व्यवस्था पर ध्यान देने के निर्देश दिए।
डीएम ने कहा कि जिले में बेमौसमी सब्जियों और मशरूम उत्पादन को बढ़ावा देने पर विशेष फोकस किया जाएगा। कुक्कुट वैली परियोजना के लिए पात्र लाभार्थियों का चिन्हीकरण एक सप्ताह के भीतर पूरा करने के निर्देश भी दिए गए।
114 सहकारी समितियों के सीएससी से मिल रही सुविधाएं
जिलाधिकारी ने एमपैक्स समितियों का कंप्यूटरीकरण सितंबर अंत तक पूरा कराने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि जिले की 114 सहकारी समितियों के सामान्य सुविधा केंद्रों के माध्यम से विभिन्न सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। डीएम ने इन केंद्रों को ग्रामीणों और किसानों के लिए अधिक उपयोगी बनाने को कहा।
उन्होंने दुगड्डा विकासखंड की सिद्धबाबा कृषक उत्पादन संगठन सहकारी समिति की गतिविधियों की समीक्षा करते हुए समिति के कार्यों का विस्तार कर लाभ बढ़ाने के निर्देश दिए। प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र, पशु केंद्र और अन्न भंडारण योजना की भी समीक्षा की गई।
दूरस्थ क्षेत्रों में एटीएम सुविधा पर जोर
जिलाधिकारी ने बहुराज्यीय सहकारी समितियों की सदस्यता से वंचित समितियों की सूची कारण सहित प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने समितियों के बीच समन्वय और सहयोग बढ़ाने तथा स्थानीय संसाधनों को जोड़कर ग्रामीणों के लिए आय के नए अवसर विकसित करने पर जोर दिया।
बैठक में सहकारी बैंक के दूरस्थ क्षेत्रों में एटीएम स्थापित करने की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई। डीएम ने निर्देश दिए कि जिन क्षेत्रों में वर्तमान में एटीएम की सुविधा नहीं है, वहां आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
मुख्य विकास अधिकारी अशोक जोशी ने कहा कि सहकारी समितियों को ग्रामीण अर्थव्यवस्था और आजीविका के मजबूत केंद्र के रूप में विकसित किया जाए। योजनाओं को सहकारिता से जोड़कर क्लस्टर आधारित गतिविधियों को बढ़ावा देने से किसानों को उत्पादन से बाजार तक बेहतर लाभ दिलाया जा सकता है।
बैठक में सहायक जिला निबंधक सहकारिता सुमन कुमार, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. विशाल शर्मा, जिला पूर्ति अधिकारी अरुण कुमार वर्मा, जिला उद्यान अधिकारी मनोरंजन सिंह भंडारी, नाबार्ड प्रबंधक हिमांक शर्मा सहित संबंधित अधिकारी और सहकारी समितियों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

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