शिक्षक समाज के निर्माता, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए नवाचार और समर्पण जरूरी: मदन कौशिक
बहादराबाद/हरिद्वार। शिक्षक दिवस के अवसर पर उत्तरांचल स्टेट प्राइमरी टीचर्स एसोसिएशन जनपद हरिद्वार की ओर से बहादराबाद में जनपद स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह एवं शैक्षिक गोष्ठी का आयोजन किया गया। समारोह में सेवानिवृत्त शिक्षक-शिक्षिकाओं के साथ विभिन्न विकासखंडों के उत्कृष्ट कार्य करने वाले सेवारत शिक्षकों और उत्कृष्ट विद्यालयों को सम्मानित किया गया। इस दौरान ‘वर्तमान शिक्षा व्यवस्था में शिक्षक की भूमिका एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की चुनौतियां’ विषय पर गोष्ठी भी हुई।

मुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि शिक्षक केवल पाठ्यक्रम पूरा करने वाला व्यक्ति नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के भविष्य का निर्माता है। बदलते दौर में शिक्षक की जिम्मेदारी और बढ़ गई है। डिजिटल संसाधनों के बढ़ते प्रभाव के बीच शिक्षकों को विद्यार्थियों में ज्ञान के साथ संस्कार, अनुशासन, संवेदनशीलता और राष्ट्रप्रेम की भावना भी विकसित करनी होगी। उन्होंने सम्मानित शिक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि शिक्षक सम्मान उनके शिक्षा और समाज के प्रति योगदान का सम्मान है।
विशिष्ट अतिथि कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा ने कहा कि उत्तराखंड की शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने में प्राथमिक शिक्षकों की भूमिका महत्वपूर्ण है। प्राथमिक स्तर पर शिक्षक बच्चों की शिक्षा की जो नींव तैयार करता है, वही उनके व्यक्तित्व और भविष्य का आधार बनती है। उन्होंने शिक्षकों की समस्याओं के समाधान और बेहतर शैक्षिक वातावरण के लिए सकारात्मक संवाद पर जोर दिया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विधायक आदेश चौहान ने कहा कि शिक्षक समाज को दिशा देने का कार्य करता है। सीमित संसाधनों के बावजूद सरकारी विद्यालयों के शिक्षक बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए समर्पण के साथ कार्य कर रहे हैं। उन्होंने शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए शिक्षक, अभिभावक और समाज के बीच बेहतर समन्वय को जरूरी बताया।
मुख्य शिक्षा अधिकारी अमित चंद ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की भावना के अनुरूप बच्चों को रटने के बजाय समझने, सोचने और प्रश्न करने के अवसर दिए जाने चाहिए। शिक्षक नवाचार, तकनीक और स्थानीय संसाधनों का उपयोग कर शिक्षण को प्रभावी बना सकते हैं।
खंड शिक्षा अधिकारी लक्सर विनोद कुमार ने कहा कि शिक्षक दिवस अपने दायित्वों के आत्ममंथन का भी अवसर है। वहीं खानपुर के खंड शिक्षा अधिकारी शाने करीम सिद्दीकी ने शिक्षकों से समय के साथ स्वयं को अपडेट करने और विद्यार्थियों की व्यक्तिगत क्षमताओं को पहचानकर उन्हें आगे बढ़ाने का आह्वान किया।
गोष्ठी में डिजिटल शिक्षा, नई शिक्षा नीति, विद्यालयों में नवाचार, विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता और शिक्षक की बदलती भूमिका पर विचार-विमर्श हुआ। वक्ताओं ने शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए शिक्षकों को पर्याप्त संसाधन, प्रशिक्षण और सकारात्मक कार्य वातावरण उपलब्ध कराने पर जोर दिया।
समारोह में विभिन्न विकासखंडों से उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों एवं उत्कृष्ट विद्यालयों के साथ सेवानिवृत्त शिक्षक-शिक्षिकाओं को सम्मानित किया गया। सम्मानित शिक्षकों ने इसे नई ऊर्जा और प्रेरणा का स्रोत बताया।
एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष अश्वनी चौहान, मंत्री हेमेंद्र चौहान और कोषाध्यक्ष अरविंद कुमार शर्मा ने अतिथियों एवं शिक्षक-शिक्षिकाओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि समारोह का उद्देश्य शिक्षकों के योगदान को सम्मानित करने के साथ शिक्षा की गुणवत्ता को लेकर सामूहिक चिंतन और बेहतर कार्ययोजना तैयार करना है। संचालन वीरसिंह पंवार एवं हेमेंद्र चौहान ने संयुक्त रूप से किया।
इस अवसर पर प्रवीण कुमार, प्रविंद्र सैनी, अनुपम प्रसाद, योगेश राणा, सुभाष शर्मा, साधुराम निरोम चौधरी, बबलू अधाना, केहर सिंह, शरद शर्मा, सचिन नागर, सुमित चौहान, दिनेश बड़वाल, मोनिया, कीर्ति, हेमलता, दीपक, निशांत, पंकज चौहान, रविन्द्र अग्रवाल, राजीव शर्मा पनियाला, अजय पुंडीर, अमीर आलम, शालिनी गोस्वामी, अश्वनी मुदगल, मुकेश चौहान, अशोक चौहान आदि मौजूद रहे।
