7 हजार बीघा सरकारी जमीन पूंजीपतियों को सौंपने की तैयारी का यूकेडी ने किया विरोध
देहरादून। उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) ने राज्य के विभिन्न विभागों की करीब सात हजार बीघा जमीन को निजी निवेशकों को बेचने की प्रक्रिया का विरोध किया है। शनिवार को यूकेडी के मूल निवास भू-कानून प्रकोष्ठ के अध्यक्ष लूशुन टोडरिया के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने उत्तराखंड इन्वेस्टमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट बोर्ड (UIIDB) के कार्यालय पहुंचकर इस प्रक्रिया के खिलाफ विरोध दर्ज कराया।

टोडरिया ने आरोप लगाया कि इतने बड़े स्तर पर सरकारी जमीन को पूंजीपतियों को सौंपने की तैयारी उत्तराखंड के मूल निवासियों के अधिकारों पर बड़ा हमला है। उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया भविष्य में पूरे राज्य की जमीन को निजी हाथों में सौंपने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हो सकती है।
उन्होंने कहा कि निवेश के लिए ऐसी शर्तें निर्धारित की गई हैं, जिनमें संबंधित कंपनियों का करीब 500 करोड़ रुपये का टर्नओवर और 25 देशों में मौजूदगी जैसी पात्रताएं शामिल हैं। उनके अनुसार, इन शर्तों को उत्तराखंड का सामान्य मूल निवासी पूरा नहीं कर सकता। इससे स्थानीय लोगों के लिए निवेश और भूमि संबंधी अवसर सीमित होने की आशंका है।
यूकेडी नेता ने कहा कि राज्य की भूमि और संसाधनों पर पहला अधिकार उत्तराखंड के मूल निवासियों का होना चाहिए। उन्होंने सरकार से पूरी प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाने और उत्तराखंड के हितों को प्राथमिकता देने की मांग की।
टोडरिया ने चेतावनी दी कि यदि इस प्रक्रिया पर जल्द रोक नहीं लगाई गई तो उत्तराखंड क्रांति दल प्रदेशभर में जनांदोलन खड़ा करेगा और जनता को लामबंद कर आंदोलन को व्यापक रूप दिया जाएगा।
