मुख्यमंत्री मत्स्य संपदा योजना से बिडोली में बढ़ा मत्स्य पालन, ग्रामीणों को मिला स्वरोजगार
20 तालाबों में हो रहा मछली उत्पादन, समिति अब तक बेच चुकी 70 किलो मछली
पौड़ी। मुख्यमंत्री मत्स्य संपदा योजना एवं जिला योजना के तहत विकासखंड पाबौ के बिडोली में मत्स्य पालन को बढ़ावा मिलने से ग्रामीणों के लिए स्वरोजगार के नए अवसर तैयार हुए हैं। योजना के तहत यहां 20 तालाबों का निर्माण किया गया है, जिनका संचालन प्रेरणा मत्स्य जीवी सहकारिता समिति द्वारा किया जा रहा है।

समिति में नौ सदस्य शामिल हैं, जो तालाबों में मछली पालन के साथ उत्पादित मछली के विपणन का कार्य भी कर रहे हैं। तालाबों में तैयार मछली को स्थानीय होटलों के साथ ही खिर्सू, चौबट्टा, पाबौ बाजार सहित आसपास के क्षेत्रों में मांग के अनुसार बेचा जा रहा है।
वर्तमान में मछली का बाजार मूल्य 250 से 300 रुपये प्रति किलोग्राम है। समिति अब तक करीब 70 किलोग्राम मछली की बिक्री कर चुकी है। वहीं तालाबों में वर्तमान में करीब पांच क्विंटल मछली उपलब्ध है, जिसे बाजार की मांग के अनुरूप बिक्री के लिए उपलब्ध कराया जा रहा है।
मत्स्य अधिकारी अभिषेक मिश्रा ने बताया कि बिडोली के तालाबों में वर्तमान में फंगास, कार्प और तिलापिया प्रजाति की मछलियों का पालन किया जा रहा है। स्थानीय होटलों और आसपास के बाजारों से प्राप्त मांग के अनुसार समिति द्वारा मछली की बिक्री की जा रही है।
उन्होंने बताया कि योजनाओं के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में मत्स्य पालन को स्वरोजगार एवं आय के साधन के रूप में विकसित किया जा रहा है। बिडोली में तालाबों के संचालन की जिम्मेदारी समिति को मिलने से स्थानीय स्तर पर मत्स्य उत्पादन और विपणन को बढ़ावा मिला है। इससे समिति के सदस्यों को आय का अवसर मिलने के साथ ही क्षेत्र में मत्स्य पालन की गतिविधियों को भी प्रोत्साहन मिल रहा है।
