देहरादून

जनांदोलन के पुरोधा रणजीत सिंह वर्मा की सातवीं पुण्यतिथि पर रक्तदान एवं स्वास्थ्य शिविर

उत्तराखंड आंदोलन के प्रखर रणनीतिकार को श्रद्धांजलि, समाजसेवा और जनहित के कार्यों को किया गया याद

देहरादून। उत्तराखंड राज्य आंदोलन के प्रखर रणनीतिकार, पूर्व विधायक एवं वरिष्ठ समाजसेवी स्व. रणजीत सिंह वर्मा की सातवीं पुण्यतिथि के अवसर पर मंगलवार को शहीद स्मारक, कचहरी परिसर देहरादून में श्रद्धांजलि कार्यक्रम के साथ स्वैच्छिक रक्तदान एवं स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का आयोजन अध्यक्ष अजय वर्मा, सचिव मोहन खत्री, धर्मेंद्र सिंह रावत, नरेंद्र सिंह चौहान सहित अन्य सामाजिक कार्यकर्ताओं के सहयोग से किया गया। रक्तदान शिविर में रक्तदाताओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जबकि स्वास्थ्य शिविर में लोगों की स्वास्थ्य जांच की गई।

कार्यक्रम में खटीमा के शहीदों के साथ ही स्व. रणजीत सिंह वर्मा को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। उपस्थित लोगों ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर राज्य निर्माण आंदोलन और समाजसेवा में उनके योगदान को याद किया।

कार्यक्रम में राज्य आंदोलनकारी रवींद्र जुगरान, गजेंद्र सिंह चौहान, प्रभात डंडरियाल, वीर सिंह रावत, रेखा शर्मा, जितेंद्र नेगी, सुरेश कुमार, विनोद असवाल, पंकज रावत, सावित्री पंवार, राजीव चौधरी, श्यामलालनाथ, पृथ्वीधर काला, डॉ. प्रेरणा गुप्ता, डॉ. अतुल शर्मा, केशव उनियाल, डॉ. एमएस अंसारी, कल्पना बिष्ट, पूरण सिंह लिंगवाल, द्वारिका बिष्ट, विजय पाहवा, गुरमीत कौर, विजय बलूनी, मनोज नौटियाल, मोहम्मद शाहिद, वीरेंद्र रावत, धर्मानंद भट्ट, राधा तिवाड़ी, जयदीप सकलानी और प्रदीप कुकरेती सहित अनेक राज्य आंदोलनकारी, सामाजिक कार्यकर्ता एवं विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी मौजूद रहे।

वक्ताओं ने स्व. रणजीत सिंह वर्मा के व्यक्तित्व एवं कृतित्व को याद करते हुए कहा कि राज्य निर्माण आंदोलन में उनकी भूमिका ऐतिहासिक रही। उन्होंने सिद्धांतों की राजनीति, जनसेवा और किसानों के हितों के लिए जीवनभर किए गए उनके संघर्ष को नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत बताया। वक्ताओं ने कहा कि राज्य निर्माण के बाद सत्ता की राजनीति से दूर रहकर भी वर्मा ने समाजसेवा का सिलसिला जारी रखा, जो उनके आदर्शवादी व्यक्तित्व को दर्शाता है।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोज शर्मा विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। वक्ताओं ने कहा कि स्व. रणजीत सिंह वर्मा का सादगीपूर्ण जीवन, सिद्धांतों के प्रति प्रतिबद्धता, राज्य निर्माण आंदोलन में योगदान और समाजसेवा आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत रहेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *