डिग्री के साथ रोजगारपरक कौशल जरूरी: प्रो. डीएस नेगी
कैरियर काउंसलिंग सत्र में विद्यार्थियों को रोजगार के अवसरों, सेवायोजन पोर्टल और विभागीय योजनाओं की दी जानकारी
कोटद्वार। राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, कोटद्वार में कौशल विकास एवं सेवायोजन विभाग लैंसडाउन तथा महाविद्यालय के कैरियर परामर्श प्रकोष्ठ के संयुक्त तत्वावधान में एक दिवसीय कैरियर काउंसलिंग सत्र आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. डीएस नेगी एवं सेवायोजन अधिकारी लैंसडाउन अजय सिंह ने दीप प्रज्वलित कर किया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्राचार्य प्रो. डीएस नेगी ने कहा कि वर्तमान प्रतिस्पर्धी दौर में केवल डिग्री हासिल कर लेना रोजगार की गारंटी नहीं है। विद्यार्थियों को रोजगारपरक कौशल, तकनीकी ज्ञान और आत्मविश्वास विकसित करने पर विशेष ध्यान देना चाहिए। उन्होंने छात्र-छात्राओं से अपनी रुचि और क्षमताओं को पहचानकर लक्ष्य निर्धारित करने तथा निरंतर सीखते रहने का आह्वान किया।
सेवायोजन अधिकारी अजय सिंह ने विद्यार्थियों को कैरियर के विभिन्न अवसरों, सेवायोजन विभाग के पोर्टलों और विभागीय योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि रोजगार के क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ रही है। ऐसे में युवाओं को शैक्षणिक योग्यता के साथ रोजगारपरक कौशल विकसित करना आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपनी रुचि एवं क्षमता के अनुरूप कैरियर लक्ष्य तय कर उपलब्ध अवसरों और विभागीय योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की।
सत्र के दौरान विद्यार्थियों को कैरियर चयन, रोजगार के अवसरों, कौशल विकास तथा सेवायोजन विभाग की विभिन्न सुविधाओं एवं योजनाओं के बारे में जानकारी दी गई। विद्यार्थियों की कैरियर से संबंधित जिज्ञासाओं का भी समाधान किया गया।
इस अवसर पर एनसीसी अधिकारी डॉ. विनोद सिंह भंडारी, कैरियर परामर्श प्रकोष्ठ की संयोजक डॉ. मनीषा सिंह, समिति सदस्य डॉ. गणेश चंद, डॉ. हिमांशु, डॉ. गीता, डॉ. भुवनेश कुमार, डॉ. आशाराम बिजल्वाण, डॉ. संदीप कुमार, डॉ. संजय मदान, डॉ. मीनाक्षी वर्मा सहित महाविद्यालय के प्राध्यापक, कर्मचारी, एनसीसी कैडेट्स एवं छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
