नीलकंठ में कांवड़ यात्रा की व्यवस्थाएं चाकचौबंद, श्रद्धालुओं ने की प्रशासन की सराहना
पौड़ी। नीलकंठ महादेव कांवड़ यात्रा को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित बनाने के लिए पौड़ी जिला प्रशासन की ओर से व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के क्रम में यात्रा मार्ग से लेकर नीलकंठ क्षेत्र तक पेयजल, सड़क, बिजली, चिकित्सा, स्वच्छता, यातायात और सुरक्षा व्यवस्था को दुरुस्त रखा गया है। बड़ी संख्या में कांवड़ यात्री नीलकंठ पहुंच रहे हैं और प्रशासन की व्यवस्थाओं की सराहना कर रहे हैं।

जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने संबंधित विभागों को यात्रा मार्ग एवं नीलकंठ क्षेत्र में व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी रखने तथा मौके पर तैनात कार्मिकों को श्रद्धालुओं की हरसंभव सहायता करने के निर्देश दिए हैं।
डेढ़ किलोमीटर मार्ग पर इंटरलॉकिंग टाइल्स
कांवड़ यात्रा को सुगम बनाने के लिए चारधाम यात्रा के मोटर मार्गों और पैदल यात्रा मार्गों पर मरम्मत एवं सुदृढ़ीकरण के कार्य कराए गए हैं। पार्किंग से नीलकंठ मंदिर तक करीब डेढ़ किलोमीटर मार्ग पर इंटरलॉकिंग टाइल्स, गरुड़चट्टी से पीपलकोठी तक डीबीएम एवं इंटरलॉकिंग टाइल्स तथा बैराज से गरुड़चट्टी तक पेचवर्क कराया गया है।
यात्रा मार्ग पर आकस्मिक स्थिति में सड़क सुधार और मलबा हटाने के लिए लोक निर्माण विभाग की पांच जेसीबी मशीनें ऑपरेटरों सहित 24 घंटे तैनात की गई हैं।
बीन नदी पर विशेष निगरानी
बीन नदी में कांवड़ यात्रियों की सुरक्षित आवाजाही के लिए प्रशासन की ओर से विशेष व्यवस्था की गई है। नदी पार करते समय प्रशासन की टीमें श्रद्धालुओं को आवश्यक सहयोग एवं मार्गदर्शन दे रही हैं। नदी क्षेत्र में भी लगातार निगरानी रखी जा रही है।
ओपन ट्रांसफार्मर हटाकर बनाया कॉम्पैक्ट सब-स्टेशन
विद्युत व्यवस्था को सुरक्षित बनाने के लिए नीलकंठ मंदिर के सामने स्थित ओपन ट्रांसफार्मर को हटाकर कॉम्पैक्ट सब-स्टेशन स्थापित किया गया है। इससे क्षेत्र में निर्बाध विद्युत आपूर्ति के साथ विद्युत व्यवस्था को अधिक सुरक्षित बनाया गया है।
18 स्टैंड पोस्ट और सात टैंकरों से पेयजल
कांवड़ यात्रियों के लिए नीलकंठ क्षेत्र एवं यात्रा मार्ग पर जल संस्थान ने 18 स्टैंड पोस्ट स्थापित किए हैं। इनमें नौ पैदल मार्ग और नौ सड़क मार्ग पर हैं। इसके अलावा पेयजल आपूर्ति के लिए सात टैंकर भी लगाए गए हैं। प्रमुख स्थानों पर पेयजल की उपलब्धता की लगातार निगरानी की जा रही है।
22,750 श्रद्धालुओं को मिल चुकी चिकित्सा सुविधा
यात्रा के दौरान त्वरित चिकित्सा सुविधा के लिए नीलकंठ क्षेत्र में 8 मेडिकल रिलीफ पोस्ट, 36 स्वास्थ्यकर्मी और 7 एंबुलेंस तैनात की गई हैं। अब तक 22,750 श्रद्धालुओं को चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराई जा चुकी हैं। मेडिकल रिलीफ पोस्ट पर आवश्यक दवाइयों के साथ एंटी स्नेक वेनम, एंटी रेबीज वैक्सीन और 24 पोर्टेबल ऑक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध हैं।
सफाई के लिए 50 कर्मी और चार वाहन तैनात
नीलकंठ क्षेत्र को स्वच्छ रखने के लिए 50 सफाई कर्मी, चार कूड़ा पिकअप वाहन और 22 कूड़ेदान लगाए गए हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विभिन्न स्थानों पर शौचालय, बायो-टॉयलेट और पिंक टॉयलेट की व्यवस्था की गई है। बरसात के दौरान फिसलन रोकने के लिए नियमित रूप से ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव किया जा रहा है और स्वच्छता व्यवस्था की निगरानी के लिए 10 कार्मिक तैनात हैं।
सुरक्षा और यातायात व्यवस्था पर विशेष जोर
पुलिस विभाग द्वारा यातायात प्रबंधन, भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था संभाली जा रही है। विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी मौके पर मौजूद रहकर आपसी समन्वय से श्रद्धालुओं को सुविधाएं उपलब्ध करा रहे हैं। वहीं, पैदल मार्गों पर वन्यजीवों से सुरक्षा के दृष्टिगत वन विभाग के फॉरेस्ट गार्ड लगातार गश्त कर श्रद्धालुओं की सहायता कर रहे हैं।
श्रद्धालुओं ने व्यवस्थाओं को बताया संतोषजनक
नीलकंठ पहुंचे कांवड़ यात्रियों ने प्रशासन की व्यवस्थाओं की सराहना की। श्रद्धालुओं ने कहा कि यात्रा मार्ग पर पेयजल, शौचालय, साफ-सफाई, चिकित्सा, बिजली और यातायात की सुविधाएं मिलने से यात्रा काफी सुगम हो रही है। विभिन्न विभागों के कार्मिकों की मौके पर मौजूदगी और जरूरत पड़ने पर तत्काल सहायता उपलब्ध कराने को भी यात्रियों ने सराहनीय बताया।
जिला प्रशासन द्वारा यात्रा मार्ग से नीलकंठ क्षेत्र तक व्यवस्थाओं की निरंतर निगरानी की जा रही है, ताकि कांवड़ियों को पूरी यात्रा के दौरान सुरक्षित, सुगम और सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।
