स्वास्थ्य केंद्र खुद बीमार, इलाज की जरूरत
जखोली सीएचसी की बदहाली उजागर, विशेषज्ञ डॉक्टर और अल्ट्रासाउंड सुविधा का अभाव
रुद्रप्रयाग। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जखोली की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लेकर रुद्रप्रयाग विधानसभा के पूर्व विधायक प्रत्याशी एवं युवा नेता मोहित डिमरी ने सोमवार को सीएचसी का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ भवन की स्थिति में भी कई खामियां सामने आईं।

करीब 40 वर्ष पुराने सीएचसी भवन की हालत जर्जर हो चुकी है। भवन में जगह-जगह पानी का रिसाव, सीलन और बारिश के दौरान छत से पानी टपकने की समस्या बनी हुई है। इससे मरीजों के साथ चिकित्सकों, नर्सिंग और पैरामेडिकल स्टाफ को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कर्मचारियों के लिए बने आवासीय क्वार्टर भी बदहाल स्थिति में हैं।
मोहित डिमरी ने कहा कि जब स्वास्थ्य केंद्र का भवन ही सुरक्षित नहीं है तो मरीजों और स्वास्थ्य कर्मचारियों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं कैसे मिल सकती हैं। उन्होंने पुराने भवन को डिस्मेंटल कर आधुनिक सुविधाओं से युक्त नए भवन के निर्माण की आवश्यकता बताई।
विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी
सीएचसी जखोली में एक भी विशेषज्ञ डॉक्टर उपलब्ध नहीं होने को डिमरी ने गंभीर समस्या बताया। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ की कमी के कारण गर्भवती महिलाओं और महिला मरीजों को उपचार के लिए अन्य अस्पतालों का रुख करना पड़ता है।
उन्होंने सीएचसी में स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ, एनेस्थीसियोलॉजिस्ट, सामान्य सर्जन, मेडिसिन विशेषज्ञ, बाल रोग विशेषज्ञ, ऑर्थोपेडिक विशेषज्ञ तथा रेडियोलॉजी एवं इमेजिंग सेवाओं से जुड़े विशेषज्ञों की तैनाती की मांग की।
अल्ट्रासाउंड मशीन बंद
सीएचसी में उपलब्ध अल्ट्रासाउंड मशीन के बंद होने पर भी उन्होंने सवाल उठाए। उनका कहना था कि विशेषकर गर्भवती महिलाओं और गंभीर मरीजों के लिए अल्ट्रासाउंड जांच बेहद महत्वपूर्ण है। मशीन उपलब्ध होने के बावजूद सेवा संचालित न होना स्वास्थ्य व्यवस्था की बड़ी कमी है।
डिमरी ने कहा कि जखोली क्षेत्र के हजारों लोगों के लिए यह स्वास्थ्य केंद्र जीवनरेखा है। यहां पर्याप्त चिकित्सक, विशेषज्ञ डॉक्टर, जांच सुविधाएं और आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराए जाने चाहिए। उन्होंने सीएचसी की बेड क्षमता बढ़ाने की भी जरूरत बताई।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव में क्षेत्र के लोगों को लगातार दूसरे शहरों के अस्पतालों में रेफर होना पड़ रहा है। सरकार को नए भवन के निर्माण, विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति, अल्ट्रासाउंड सेवा शुरू करने और बेड क्षमता बढ़ाने के लिए तत्काल कदम उठाने चाहिए।
डिमरी ने बताया कि इन समस्याओं को लेकर जल्द ही स्वास्थ्य मंत्री, स्वास्थ्य सचिव और स्वास्थ्य महानिदेशक से मुलाकात की जाएगी। इस दौरान सीएचसी जखोली की वास्तविक स्थिति से अधिकारियों को अवगत कराते हुए आवश्यक कार्रवाई की मांग की जाएगी।
