पौड़ी

कांवड़ यात्रा में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर जिला प्रशासन सतर्क, 17,971 श्रद्धालुओं को मिली चिकित्सा सुविधा

पौड़ी। कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को सुरक्षित एवं त्वरित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन ने स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को मजबूत किया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों और जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया के निर्देशन में यात्रा मार्ग पर स्थापित आठ चिकित्सा राहत इकाइयों के माध्यम से 6 अगस्त तक 17,971 श्रद्धालुओं को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा चुकी हैं।

जिलाधिकारी ने कांवड़ यात्रा के लिए नामित नोडल अधिकारी एवं प्रभारी चिकित्साधिकारी को सभी चिकित्सा राहत इकाइयों में पर्याप्त दवाइयां, आवश्यक चिकित्सा उपकरण और रोस्टर के अनुसार स्वास्थ्यकर्मियों की नियमित तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि आपात स्थिति में श्रद्धालुओं को तत्काल उपचार उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य व्यवस्थाओं में किसी प्रकार की कमी नहीं रहनी चाहिए।

नोडल अधिकारी डॉ. राजीव ने बताया कि यात्रा मार्ग पर पीएचसी लक्ष्मणझूला सहित कुल आठ चिकित्सा राहत इकाइयां संचालित की जा रही हैं। इनमें पुण्डरासू, धांधला पानी, मौनी बाबा तिराहा, बाघखाला, वानप्रस्थ आश्रम, गरुड़ चट्टी पुल और पीपलकोटी शामिल हैं।

इन चिकित्सा राहत इकाइयों पर कुल 36 स्वास्थ्यकर्मियों की तैनाती की गई है। सभी केंद्रों पर जीवनरक्षक दवाइयों के साथ एंटी स्नेक वेनम और एंटी रेबीज वैक्सीन उपलब्ध कराई गई है। प्रत्येक इकाई में तीन पोर्टेबल ऑक्सीजन सिलेंडर की व्यवस्था की गई है। आपातकालीन सेवाओं के लिए सात एंबुलेंस भी तैनात की गई हैं, जिनमें दो एंबुलेंस 108 सेवा की हैं।

जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और स्वास्थ्य जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। यात्रा मार्ग पर स्वास्थ्य सेवाओं की लगातार निगरानी की जा रही है, ताकि जरूरत पड़ने पर श्रद्धालुओं को बिना किसी देरी के बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा सके।

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