मतदाता सूची में त्रुटिरहित प्रविष्टियों के लिए सभी का सहयोग जरूरी: उप जिला निर्वाचन अधिकारी
एसआईआर-2026 की समीक्षा बैठक में राजनीतिक दलों व बीएलए को दी गई दावे-आपत्तियों की प्रक्रिया की जानकारी
पौड़ी। अपर जिलाधिकारी एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी एफ.आर. चौहान की अध्यक्षता में सोमवार को विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर)-2026 के तहत जनपद स्तरीय मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों, उनके प्रतिनिधियों एवं बूथ लेवल एजेंट (बीएलए-1) के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में 1 जुलाई, 2026 की अर्हता तिथि के आधार पर तैयार की जा रही निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम, समय-सारिणी और निर्वाचन आयोग की निर्धारित प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी गई।

उप जिला निर्वाचन अधिकारी एफ.आर. चौहान ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूती के लिए शुद्ध, अद्यतन और त्रुटिरहित मतदाता सूची अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से अपने बूथ लेवल एजेंटों के माध्यम से विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान में सक्रिय सहयोग करने का आह्वान करते हुए कहा कि प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में शामिल हो तथा अपात्र और त्रुटिपूर्ण प्रविष्टियों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार जनपद में बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन कर रहे हैं। इस दौरान नए पात्र मतदाताओं के नाम जोड़े जा रहे हैं, अपात्र मतदाताओं के नाम हटाए जा रहे हैं तथा आवश्यक संशोधन भी किए जा रहे हैं।
बैठक में बताया गया कि प्रारूप निर्वाचक नामावली सभी निर्वाचक एवं सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (ईआरओ/एईआरओ) के कार्यालयों, मतदान स्थलों पर तैनात बीएलओ तथा जिला निर्वाचन कार्यालय में निःशुल्क अवलोकन के लिए उपलब्ध है। साथ ही सभी मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय एवं राज्य राजनीतिक दलों को विधानसभा क्षेत्रवार मतदाता सूची, सर्विस मतदाताओं की सूची तथा मतदान केंद्रों की सूची की हार्ड एवं सॉफ्ट कॉपी उपलब्ध करा दी गई है। एएसडी मतदाताओं की सूची भी राजनीतिक दलों को उपलब्ध कराने के साथ जिला निर्वाचन कार्यालय की वेबसाइट पर प्रदर्शित की गई है।
उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि प्रारूप मतदाता सूची का प्रकाशन 14 जुलाई, 2026 को किया जा चुका है। 14 जुलाई से 13 अगस्त, 2026 तक फॉर्म-6, फॉर्म-7 और फॉर्म-8 के माध्यम से दावे एवं आपत्तियां प्राप्त की जा रही हैं। इनका नियमानुसार निस्तारण 11 सितंबर, 2026 तक किया जाएगा तथा 15 सितंबर, 2026 को अंतिम निर्वाचक नामावली प्रकाशित की जाएगी।
उन्होंने कहा कि यदि किसी पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में दर्ज नहीं है अथवा किसी कारणवश हट गया है, तो वह निर्धारित प्रपत्र के माध्यम से दावा प्रस्तुत कर सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के लिए जन्म प्रमाण पत्र, पासपोर्ट, मान्यता प्राप्त शिक्षण संस्थान का शैक्षणिक प्रमाण पत्र, स्थायी निवास प्रमाण पत्र, सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी जाति प्रमाण पत्र, परिवार रजिस्टर की नकल, राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर अथवा अन्य वैध दस्तावेज प्रस्तुत किए जा सकते हैं। आधार कार्ड केवल पहचान के प्रमाण के रूप में मान्य होगा, नागरिकता के प्रमाण के रूप में नहीं।
बैठक में बीएलए-1 को गणना प्रपत्र भरने की प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेजों, सत्यापन की कार्यप्रणाली तथा मतदाता सूची के शुद्धिकरण संबंधी दिशा-निर्देश भी दिए गए। साथ ही राजनीतिक दलों से अभियान का व्यापक प्रचार-प्रसार कर अधिक से अधिक पात्र नागरिकों को मतदाता सूची से जोड़ने में सहयोग करने की अपील की गई।
बैठक में सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी एस.एल. शाह, नोडल अधिकारी (राजनीतिक दल) मास्टर आदर्श, सहायक नोडल अधिकारी राजेन्द्र सिंह रावत सहित विभिन्न मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
