राजकीय महाविद्यालय विथ्याणी में ब्रह्मलीन महंत अवैद्यनाथ की पुण्यतिथि पर स्मृति कार्यक्रम आयोजित, ओजस्वी कविताओं ने बाँधा समां
यमकेश्वर/पौड़ी। राजकीय महाविद्यालय, विथ्याणी में ब्रह्मलीन महंत अवैद्यनाथ जी की पुण्यतिथि के पावन अवसर पर एक भव्य स्मृति कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में गणमान्य व्यक्तियों, प्राध्यापकों और छात्रों ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराकर महंत जी के प्रति अपने श्रद्धापुष्प अर्पित किए।

महंत अवैद्यनाथ जी के जीवन और विचारों की प्रासंगिकता पर बात करते हुए वक्ताओं ने कहा कि उनका पूरा जीवन धर्म, राष्ट्रसेवा, समाज जागरण और सांस्कृतिक चेतना के संवर्धन के लिए समर्पित रहा। उनके आदर्श और विचार आज भी समाज को राष्ट्रहित और जनसेवा के पथ पर निरंतर आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं।
काव्य प्रस्तुतियों से मंत्रमुग्ध हुए श्रोता
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण सांस्कृतिक और साहित्यिक प्रस्तुतियां रहीं। प्रसिद्ध कवि श्रीकांत श्री, महिमा श्री एवं दिव्यांश दुष्यंत ने अपनी ओजपूर्ण एवं भावपूर्ण कविताओं के माध्यम से समां बांध दिया। कवियों की संवेदनशील और राष्ट्रभक्ति से ओत-प्रोत रचनाओं ने सभागार में उपस्थित सभी श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
महापुरुषों की विरासत नई पीढ़ी तक पहुंचाना जरूरी
समारोह के प्रारंभ में महाविद्यालय के प्राचार्य श्री योगेश शर्मा ने सभी नवागंतुक अतिथियों का औपचारिक स्वागत किया और कार्यक्रम की रूपरेखा तथा उद्देश्यों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। इसके पश्चात प्रशासनिक अधिकारी श्री महेंद्र बिष्ट ने महंत अवैद्यनाथ जी के जीवन, उनके सामाजिक संघर्षों तथा राष्ट्र निर्माण में दिए गए अमूल्य योगदान पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम के समापन पर वक्ताओं ने एकजुट होकर कहा कि ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को अपने महापुरुषों की प्रेरणादायी विरासत से जोड़ने और उनके विचारों को जीवन में आत्मसात करने का एक सशक्त माध्यम हैं। अंत में सभी उपस्थित जनों ने ब्रह्मलीन महंत अवैद्यनाथ जी को नमन करते हुए अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
इस अवसर पर महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापकगण, कर्मचारी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
