आधुनिक विज्ञान शिक्षा को मिला नया आयाम, विद्यार्थियों की पहली पसंद बना डॉ. अंबेडकर जिला विज्ञान संग्रहालय
पौड़ी। जनपद पौड़ी गढ़वाल में जिला प्रशासन द्वारा स्थापित डॉ. अंबेडकर जिला विज्ञान संग्रहालय विद्यार्थियों के लिए विज्ञान सीखने का प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा हाल ही में लोकार्पित इस संग्रहालय में विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं के दल लगातार पहुंच रहे हैं और आधुनिक इंटरएक्टिव मॉडलों व वैज्ञानिक प्रयोगों के माध्यम से विज्ञान को व्यावहारिक रूप से समझ रहे हैं।

संग्रहालय को “देखो, समझो और स्वयं करके सीखो” की अवधारणा पर विकसित किया गया है। यहां ऑप्टिक्स, काइनेटिक, पोटेंशियल व डायनेमिक ऊर्जा, मानव शरीर की संरचना, गणित, भौतिकी, पर्यावरण और तकनीकी नवाचार से जुड़े इंटरएक्टिव मॉडल स्थापित किए गए हैं। प्रत्येक प्रदर्शनी के साथ सरल साइनेज तथा महान वैज्ञानिकों के जीवन और योगदान पर आधारित आकर्षक डिस्प्ले भी लगाए गए हैं, जो विद्यार्थियों को विज्ञान और अनुसंधान के प्रति प्रेरित कर रहे हैं।
जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया की पहल पर जिला योजना के तहत विकसित इस संग्रहालय में “बिल्डिंग एज लर्निंग एड” और “लर्निंग बाय डूइंग” की अवधारणा को अपनाया गया है। संग्रहालय की दीवारें, फर्श और सीढ़ियां भी सीखने का माध्यम बनी हैं। यहां तैनात प्रशिक्षित डेमनस्ट्रेटर विद्यार्थियों को वैज्ञानिक मॉडलों की कार्यप्रणाली सरल भाषा में समझाते हैं, जिससे जटिल वैज्ञानिक सिद्धांत भी आसानी से समझ में आते हैं।
विद्यालयों से आए शिक्षकों ने संग्रहालय को कक्षा शिक्षण का प्रभावी पूरक बताते हुए कहा कि यहां विद्यार्थियों की विश्लेषणात्मक क्षमता, तार्किक सोच और विज्ञान के प्रति रुचि में उल्लेखनीय वृद्धि हो रही है।
राजकीय इंटर कॉलेज दोमटखाल के कक्षा 12 के छात्र पीयूष चौहान ने संग्रहालय भ्रमण को ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक बताते हुए कहा कि यहां विभिन्न वैज्ञानिक उपकरणों और प्रयोगों को करीब से समझने का अवसर मिला। वहीं छात्र पार्थ नैथानी ने कहा कि इंटरएक्टिव मॉडल विज्ञान के सिद्धांतों को सरल और रोचक तरीके से समझाते हैं, जिससे विज्ञान के प्रति उनकी रुचि और बढ़ी है।
मुख्य शिक्षाधिकारी अत्रेय सयाना ने बताया कि अधिक से अधिक विद्यालयों के छात्र-छात्राओं का विज्ञान संग्रहालय का शैक्षणिक भ्रमण कराया जा रहा है, ताकि प्रयोगात्मक शिक्षा के माध्यम से उनमें वैज्ञानिक सोच, नवाचार और अनुसंधान के प्रति रुचि विकसित हो सके। उन्होंने कहा कि यह पहल विद्यार्थियों की सीखने की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी और रोचक बना रही है।
