पौड़ी

विकास कार्यों में देरी और लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी: जिलाधिकारी

जिला योजना की समीक्षा बैठक में समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण कार्यों के दिए निर्देश, अक्टूबर तक सड़क और पेयजल परियोजनाएं पूरी करने के आदेश

पौड़ी। जनपद में विकास योजनाओं को गति देने और उनके प्रभावी क्रियान्वयन के उद्देश्य से बुधवार को विकास भवन सभागार में जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया की अध्यक्षता में जिला योजना, राज्य सेक्टर, केंद्र पोषित योजनाओं तथा 20 सूत्रीय कार्यक्रमों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभागवार प्रगति की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि विकास कार्यों में देरी, लापरवाही या गुणवत्ता में किसी प्रकार की कमी स्वीकार नहीं की जाएगी।

उन्होंने सभी निर्माणदायी विभागों को लंबित निविदा प्रक्रियाएं शीघ्र पूरी कर निर्माण कार्य शुरू करने तथा वर्ष 2025-26 की अधूरी परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण करने के निर्देश दिए। अधिकारियों से कहा गया कि वे व्यक्तिगत जिम्मेदारी के साथ कार्यों की नियमित निगरानी करें।

जिलाधिकारी ने कनिष्ठ अभियंताओं को नियमित फील्ड भ्रमण कर गांवों तक पहुंचने, स्थानीय समस्याओं का मौके पर समाधान करने तथा दूरस्थ क्षेत्रों में तैनात अधिकारियों को अपने कार्यक्षेत्र में रहकर जिम्मेदारी निभाने के निर्देश दिए। जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी को भी बड़े निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और प्रगति का नियमित निरीक्षण करने को कहा गया।

ग्रामीण विकास की समीक्षा के दौरान कृषि, उद्यान, मत्स्य, पशुपालन और ग्रामीण विकास विभागों को निर्देश दिए गए कि योजनाएं केवल लक्ष्य पूर्ति तक सीमित न रहें, बल्कि गांवों की वास्तविक आवश्यकताओं के अनुरूप संचालित हों। साथ ही किसानों, स्वयं सहायता समूहों और ग्रामीण उद्यमियों के उत्पादों के विपणन की बेहतर व्यवस्था विकसित करने पर जोर दिया गया।

बैठक में अस्पतालों, विद्यालयों और अन्य सार्वजनिक संस्थानों में बिजली, पेयजल एवं मरम्मत कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए। जल निगम, लोक निर्माण विभाग, पेयजल विभाग और खेल विभाग को संयुक्त निरीक्षण कर कंडोलिया मैदान तथा रांसी स्टेडियम से जुड़े कार्य शीघ्र पूरा करने को कहा गया।

पंचायतीराज विभाग को ग्रामीण बाजारों में मॉडल सार्वजनिक शौचालय विकसित करने की कार्ययोजना तैयार करने तथा उद्योग विभाग को उच्च शिक्षण संस्थानों में प्लेसमेंट ड्राइव, रोजगार परामर्श और कौशल विकास कार्यक्रम आयोजित कर युवाओं को रोजगार से जोड़ने के निर्देश दिए गए।

जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए जिला योजना की प्रथम किश्त 32 विभागों को जारी कर दी गई है, जिससे विकास कार्यों में तेजी आएगी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के क्रम में जिलाधिकारी ने पांच करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली परियोजनाओं की भी समीक्षा की। उन्होंने लोक निर्माण विभाग, पीएमजीएसवाई, पेयजल निगम और ग्रामीण निर्माण विभाग को सड़क एवं पेयजल से संबंधित सभी परियोजनाएं अक्टूबर तक हर हाल में पूरी करने के निर्देश दिए। साथ ही भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में लैंडस्लाइड ट्रीटमेंट, निर्माण स्थलों पर सुरक्षा मानकों के पालन तथा वर्षा से बंद होने वाले मोटर मार्गों को 24 घंटे के भीतर खोलने के निर्देश भी दिए।

20 सूत्रीय कार्यक्रमों की समीक्षा के दौरान पीएमजीएसवाई, स्वास्थ्य, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, बाल विकास और पशुपालन विभागों को अपेक्षाकृत कम प्रगति पर कार्ययोजना बनाकर लक्ष्य शीघ्र प्राप्त करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि विकास योजनाओं का उद्देश्य केवल बजट खर्च करना नहीं, बल्कि धरातल पर गुणवत्तापूर्ण परिणाम देना है।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अशोक जोशी, परियोजना निदेशक डीआरडीए विवेक कुमार उपाध्याय सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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